भाटापारा। भाजपा के किसान मोर्चा अध्यक्ष गोविंद पटेल एवं महामंत्री उमाशंकर वर्मा ने एक संयुक्त बयान में कहा कि जो भूपेश सरकार किसानों से 25 सौ रुपया प्रति एकड़ धान खरीदने का वायदा कर के सत्ता में आयी है वह सरकार अभी तक किसानों को 2500 की दर से पूरा भुगतान तो नहीं कर पाई है,जबकि पहले साल की खरीदी में पिछली डॉक्टर रमन सिंह की सरकार काफी वित्तीय राशि छोड़ कर के गई थी। अब जबकि किसानों का नया धान आ चुका है और उन्हें धान बेचने को रोकने के लिए प्रदेश सरकार गिरदावरी के तहत उनके खेतों की नपाई करवा रही है। जिससे कि किसानों के खेत का रकबा कम हो रहा है, किसानों को इससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा तथा धान खरीदी विलंब होने से किसान आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं ज्यादातर हरहूना धान होने की वजह से किसानों को धान को घरों में रखने में भी परेशानी हो रही है। उन्हें खर्च चलाने के लिए अब मंडियों एवं कोचियों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें उचित कीमत भी नहीं मिल रही है
भा ज पा नेताओं ने सरकार से मांग की है कि वह तत्काल धान की खरीदी 1 नवंबर से प्रति एकड़ 20 कुंटल की दर से खरीदें एवं उसका तत्काल भुगतान करें। अब तो उसे भुगतान में भी परेशानी नहीं होगी क्योंकि केंद्र सरकार ने पहले से ही 9000 करोड़ रुपए की राशि धान खरीदने के लिए अग्रिम भेज चुकी है तथा अब तो 60 लाख मीट्रिक टन चावल खरीदने की बात केंद्र सरकार ने मानी है, इसीलिए वे सरकार से मांग करते हैं कि किसानों का धान तत्काल 1 नवंबर से खरीदा जावे तथा उनके बकाया दो किस्तों एवं पिछली सरकार के बकाया बोनस जो कि स्वयं भूपेश सरकार ने देने का वादा किया था उसका भी भुगतान तत्काल किया जावे
