भाटापारा/ यू-ट्यूब और फेसबुक पर किए जा सकेंगे श्री मावली माता के दर्शन। नवरात्रि पर ज्योति कलश की स्थापना तो होगी लेकिन मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। मुख्य द्वार सहित सभी द्वार बंद रहेंगे। याने इस नवरात्रि पर ना तो पूजन सामग्री ले जाए जा सकेगें ना प्रसाद चढ़ाया जा सकेगा। कोरोना संक्रमण के दौर में सबसे पहले रक्षाबंधन फिर गणेश पूजन उसके बाद पितृ पक्ष फिर रामलीला कड़ी शर्तों की भेंट चढ़ चुकी है। अब बारी है नवरात्रि की। इस पर प्रतिबंध का दायरा इतना बड़ा है कि मंदिरों में देवी दर्शन तक की अनुमति नहीं होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन और प्रशासन के निर्देश के बाद अंचल के प्रसिद्ध श्री मौली माता मंदिर सिंगारपुर में ज्योति कलश की स्थापना तो होगी लेकिन दर्शन के लिए कपाट नहीं खोले जाएंगे।
ऐसे होंगे दर्शन
श्री मावली माता मंदिर में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जैसी व्यवस्था की गई है उसके मुताबिक दर्शन एवं ज्योति कलश कक्ष को यूट्यूब और फेसबुक पर देखा जा सकेगा। 24 घंटे मिलने वाली इस सुविधा को भक्त घर बैठे देख सकेंगे।
पूजन सामग्री प्रतिबंधित
स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन का पालन सख्ती के साथ किए जाने के आदेश के बाद जो भक्त मंदिर पहुंचेंगे उनके द्वारा लाई गई पूजन सामग्री को लिए जाने पर रोक लगा दी गई है। याने ना तो चढ़ावा चढ़ाया जा सकेगा नाही नारियल स्वीकार किए जाएंगे।
इस पर विचार
प्रतिबंध के बाद भी जो भक्त मंदिर पहुंचेंगे उनके लिए मुख्य द्वार पर एलइडी टीवी लगाने की योजना है ताकि पहुंच चुके भक्तों देवी दर्शन और कलर्स को देख सके। इस पर फिलहाल विचार जारी है लेकिन तैयारी की जा चुकी है।
इस पर फैसला पंचायत करेगी
मंदिर परिसर के बाहर का हिस्सा काफी फैलाव लिए हुए हैं। हर नवरात्रि पर यहां पूजन सामग्री के अलावा नारियल और प्रसाद की दुकानें लगा करती है। इसके अलावा और भी अस्थाई दुकानों का संचालन होता रहा है। यह लगेंगी या नहीं इसका फैसला ग्राम पंचायत को करना है क्योंकि यह उनके अधिकार क्षेत्र में है।
“मंदिर आने वाले भक्तों को प्रवेश नहीं मिल सकेगा। प्रसाद या पूजन सामग्री चढ़ाए जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। यू-ट्यूब और फेसबुक पर दर्शन की सुविधा होगी।”
संजय अग्रवाल
अध्यक्ष, श्री मावली मंदिर प्रबंध समिति, सिंगारपुर
