शासन ने की प्रवासी मजदूरों की बेहतर व्यवस्था :डहरिया

0  95 हजार को दिया रोजगार , करेंगें पंचायत स्तर प पंजीयन की व्यवस्था दुरुस्त

0 धर्मजीत और केशव चंद्रा ने उठाया यह गंभीर प्रश्न , पंजीयन होना चाहिए

रायपुर/ प्रश्नकाल में आज बसपा के केशव चंद्रा ने प्रवासी मजदूरों के रेकॉर्ड संबंधी गंभीर प्रश्न उठाया उन्होंने नगरीय निकाय मंत्री शिव डहरिया से पूछा कि कोरोना के कारण बाहर से कितने प्रवासी मजदूर शासन द्वारा लाये गए और कितने निजी साधन से आये इसके जवाब में बताया गया कि कलेक्टरों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार एक लाख 86 हजार 755 मजदूर व व्यक्तियों को शासन द्वारा लाया गया व घर पहुंचाया गया और 4 लाख 50 हजार 68 मजदूर अन्य राज्यों से अपने स्वयं के साधन से आये हैं। ये कुल संख्या 6 लाख 37 हजार मजदूर होते हैं ।   इसी से जुड़े अपने पृथक प्रश्न में धर्मजीत सिंह ने भी यह बात उठाई और पूछा कि कितना खर्च शासन का हुआ ? जवाब में बताया गया कि कुल 65  करोड़ 14 लाख 12 हजार 462  शासन ने खर्च किये। 95 हजार 962 मजदूर को रोजगर मूलक कायों में नियोजन उपलब्ध कराया गया। कलेक्टरों को निर्देश दिए गए है कि इन सभी का स्किल मैपिंग करवा कर उनके स्किल के अनुसार रोजगार उपलब्द्ध कराया जाए। दोनों प्रश्नकर्ता विधायकों ने यह मांग की, कि पंचायत स्तर तक बाहर आने जाने वाले मजदूरों का पंजीयन करवाया जाए तथा उस ठेकेदार का नाम भी दर्ज हो जो उन्हें ले जाते हैं। मंत्री ने ऐसी व्यवस्था करने को सदन में स्वीकार किया। मंत्री शिव डहरिया ने साथ ही यह भी कहा कि आज भी जो मजदूर जाते हैं उनका पंजीयन होता है , ठेकेदारों का पंजीयन होता  है। ठेकेदार जिन मज़दूरों को ले जाते हैं उनकी जानकारी दी जाती है , ये हमारी व्यवस्था पहले से चल रही है। आप वहां स्थानीय अधिकारियों से कभी भी जानकारी ले सकते हैं।   धर्मजीत सिंह ने पूछा प्रवासी मजदूर तो ठीक है आपने व्यक्तियों भी कहा है ये क्या है ? डहरिया ने बताया कि ट्रेन आती है तो कुछ दूसरे लोग और छात्र भी आ जाते हैं ये वही हैं। ऐसे करीब एक लाख। 10 हजार 523  लोग थे।

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