दुर्ग । कोविड जैसी विपदा से लड़ने के लिए प्रशासन ने असाधारण रूप से कार्य किया है। योजना बनाकर जिले का समूचा शासन तंत्र आज कोविड-19 जैसी आपदा से युद्धस्तर से की गई तैयारी से दुर्ग न केवल लड़ने में सक्षम है अपितु आगे किसी भी संकट से निपटने के लिए भी पूरी तरह से तैयार है। लाकडाउन के खुलने के पश्चात तेजी से बढ़े संक्रमण की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संकट से निपटने के लिए सभी मोर्चों पर व्यापक तैयारियां की हैं। जिला प्रशासन ने सात सूत्र निर्धारित किए थे जिस पर तेजी से काम हुआ है स्थिति यह है कि संकट से निपटने के लिए पूरा तंत्र खड़ा हैऔर तेजी से काम कर रहा है।
*पहले सौ टेस्ट होते थे अब ग्यारह सौ-*
सबसे पहले संक्रमण को थामने के लिए ज्यादा टेस्टिंग करना लक्ष्य था। पहले जिले में टेस्टिंग की क्षमता सौ थी। जून महीने से टेस्टिंग बढ़ाई गई ग्यारह सौ टेस्ट हर दिन हो रहे हैं। इसके लिए अधोसंरचना खड़ा करने भरपूर मेहनत की गई। 30 लैब टेक्निीशियन की नियुक्ति की गई। टेस्टिंग के लिए 2 ट्रू नाट मशीन लगाई गई। रात दिन टेस्टिंग पर काम हुआ।
*ढाई लाख घरों में हुआ सर्वे-* अब तक का सबसे बड़ा अभियान सर्वे को लेकर चलाया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं नगरीय निकाय के कर्मचारियों ने, शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के दो सौ दल बनाये गए। ढाई लाख घरों में सर्वे किया गया। इन सबका डाटा बेस बनाया गया। सर्वे में डाटा बेस के माध्यम से बाद में भी फोन में लगातार संपर्क किया गया। सर्वे के पश्चात फीवर वाले केस चिन्हांकित कर बारह सौ सैंपल लिये गए। होम क्वारंटीन के 4 हजार लोगों की मानिटरिंग के लिए भी दल लगाये गए।
*इलाज के लिए अभी 1550 बेड के अस्पताल की सुविधा,
पूरे जिले में 1550 बेड के अस्पताल तैयार हैं। इसके साथ ही 1550 बेड और तैयार किये जा रहे हैं। कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है। भारत सरकार के आरोग्य सेतु पोर्टल से संभावित संक्रमितों की सूची बनाकर उन्हें काल किया जा रहा है। इस विपदा से निपटने के लिए बड़ा वर्क फोर्स जिला प्रशासन द्वारा लगाया गया है। रूटीन स्टाफ के अलावा 20 डाक्टर, 5 स्टाफ नर्स एवं 25 सफाई कर्मियों की अतिरिक्त नियुक्ति की गई है। पुलिस और निगम प्रशासन का बड़ा अमला लाकडाउन की मानिटरिंग में लगा है। इससे लाकडाउन पूरी तरह सफल रहा है। बेवजह निकलने वालों पर नियमतः कार्रवाई की जा रही है। कोरोना संक्रमण से निपटने जनसामान्य से, विभिन्न सामाजिक राजनीतिक, आर्थिक संगठनों मिले फीडबैक से एवं समन्वय से दुर्ग जिले में लाकडाउन अब तक सफल रहा है।