नई दिल्ली. देश में अब आलू भी आंखें दिखाने लगा है। लोगों को पिछले साल रुलाने वाला प्याज आज खुद रहा है पर टमाटर महंगा होकर और लाल हो रहा है। आलू जहां ५० रुपये किलो तक पहुंच गया है तो वहीं कई जगहों पर टमाटर अस्सी रुपये किलो बिक रहा है। देश के कई हिस्सों में बाढ़ और बारिश की वजह से जहां हरी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं वहीं रही सही कसर डीजल की महंगाई और कई शहरों में फिर से लॉकडाउन ने पूरी कर दी है। उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को आलू की कीमत २० से ५० रुपये के बीच रही। वहीं प्याज २० से ४० और टमाटर ५० रुपये से लेकर ८० रुपये किलो तक बिका। खुदरा बाजार में अगर इन जरूरी सब्जियों के मॉडल मूल्य की बात करें तो आलू ३० रुपये किलो, प्याज २० और टमाटर ५० रुपये किलो है।
देखें कहां किस रेट से बिक रहा आलू, प्याज और टमाटर
केंद्र आलू प्याज टमाटर
भोपाल ५० २० ८०
शिमला ४० १८ ४५
ग्वालियर ४० १५ ५०
मुंबई ३९ ३२ ६०
अमृतसर ३५ १८ ४५
दिल्ली ३३ २२ ५९
रांची ३३ २० ५०
धर्मशाला ३२ २० ५०
जबलपुर ३२ ३० ६०
पंचकुला ३० २० ६०
लुधियाना ३० २० ५०
भटिंडा ३० २० ५०
आगरा ३० २० ६०
मेरठ ३० २० ६०
गोरखपुर ३० २० ५०
हल्द्वानी ३० ३२ ५०
जयपुर ३० १५ ५०
कोटा ३० २० ८०
पटना ३० २० ६०
भागलपुर ३० १५ ४०
भुवनेश्वर ३० २० ४०
गया २९ १९ ४५
लखनऊ. २८ १८ ७०
वाराणसी २८ २० ६०
सूरत २८ १८ ३५
देहरादून २७ २० ५०
रुद्रपुर २७ २० ५५
मुजफ्फरपुर २७ १६ ५३
हरिद्वार २६ २० ५०
दरभंगा २६ २० ५०
हिसार २५ १८ ४०
गुड़गांव २५ २० ५०
मंडी २५ २२ ४५
कानपुर २५ २४ ४५
इंदौर २५ २० ५५
रीवा २५ १२ ५०
सागर २५ १२ ५५
जोधपुर २५ १५ ४०
उदयपुर २५ १५ ५०
पूर्णिया २५ १६ ८०
करनाल २४ २० ४०
झाँसी २२ १५ ५५
चंडीगढ़ २० १७ ४०
इलाहाबाद २० १५ ७०
भुज २० २० ३४
अधिकतम मूल्य ५० ४० ८०
न्यूनतम मूल्य २० १२ १८
मॉडल मूल्य ३० २० ५०
नोट:- विभिन्न केन्द्रों पर किसी वस्तु की कीमतों में अंतर आंशिक रूप से उसकी किस्म में अंतर होने के कारण है।
ट्रांसपोर्टर क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि लॉकडाउन के बाद छोटे ट्रक ऑपरेटर परेशान हैं। देशभर में ९० लाख छोटे-बड़े ट्रक हैं, इसमें से ६० फीसदी बुकिंग नहीं मिलने के कारण खड़े हो गए हैं। ऑल इंडिया मोटर कांग्रेस के अध्यक्ष कुलतार अटवाल ने हिंदुस्तान को बताया कि ट्रक ऑपरेशन की कीमत २० फीसदी तक बढ़ी है। इससे माल भाड़े में वृद्धि हो रही है। भाड़े में बढ़ोतरी होने पर जनता को मंहगाई की मार पड़ रही है।