भाटापारा। उपाध्यक्ष भाजपा छत्तीसगढ़, विधायक भाटापारा शिवरतन शर्मा ने कहा कि ‘वीर बाल दिवस’ हमें सिख्ख गुरुओं के बलिदान को याद दिलाता है। गुरु गोविंद सिंह के चारों पुत्र धर्म और देश की रक्षा के लिए हंसते-हंसते प्राणों की आहुति दे दी। यह इतिहास युवा पीढ़ी तक पहुंचानी होगी, ताकि वे अपने बलिदानियों की गौरवगाथा के बारे में जानें। विधायक शर्मा ने कहा कि जब भी भारत पर दुश्मनों की नजर पड़ी, पंजाब दीवार बन कर खड़ा रहा। भाटापारा गुरुद्वारे में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शिवरतन शर्मा ने कहा कि यह दिन सिख्ख गुरुओं के बलिदान को याद करने नमन करने का अवसर है। उन्होंने गुरुगोविंद सिंह के चारों पुत्रों के नाम लेते हुए कहा कि चार-चार पुत्र भारत की और धर्म की रक्षा करते हुए बलिदान दिए। जब गुरुगोविंद से पूछा कि आपके चार पुत्र शहीद हुए। उस समय उनके मुख से यही निकला था कि चार हुए तो क्या हुआ, जीवित हुए हजार। ऐसे कार्यक्रम उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का अवसर है।
विधायक शर्मा ने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि भारत के स्वर्णकालीन इतिहास को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा पुस्तक में सचित्र उपलब्ध कराने का कार्य शुरू हो गया है। अगर ऐसा नहीं होगा तो लोग भूल जाएंगे कि बाबा अजित सिंह, बाबा फतेह सिंह, जोरावर सिंह कौन थे। उनकी उम्र क्या थी ? मां गुजरी के सानिध्य में जो संस्कार मिले उसी का परिणाम है कि वे अधर्म के सामने नहीं झुके। धर्म और देश के लिए लड़ते-लड़ते अपने प्राणों की आहूति दी। शिवरतन शर्मा ने गुरुद्वारा कमेटी भाटापारा के लोगों को उक्त कार्यक्रम के लिए धन्यवाद दिया। उक्त अवसर पर राकेश तिवारी, आशीष जायसवाल,मनिंदर सिंह गुम्बर,बलवंत सलूजा,अमरजीत सलूजा,एवं समाज के प्रमुखजन व सामाजिक जन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
