अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को अलग- अलग धाराओं में 37 वर्ष का सश्रम कारावास

 

भाटापारा। थाना सिमगा क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की को उसके वैध संरक्षक की सम्मति के बिना उसे व्यपहरण कर अन्यत्र ले जाकर बलात्संग करने वाले पौसरी निवासी सूरज नट को विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) भाटापारा किरण त्रिपाठी ने अलग अलग धाराओं में 37 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा से दंडित किया है तथा सभी सजाएँ साथ-साथ भुगताए जाने का आदेश दिया है।
विशेष अपर लोक अभियोजक न्याजी खान ने बताया कि मामला थाना सिमगा क्षेत्र के ग्राम रिंगनी का है जहाँ प्रार्थी ने थाना में उपस्थित होकर इस आशय का रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी नाबालिग लड़की जिसकी उम्र 17 वर्ष 10 माह है जो दिनांक 16-08-2021 को घर से बिना बताये कंही चली गई है। उक्त रिपोर्ट पर थाना द्वारा गुम इंसान दर्ज कर प्रकरण विवेचना मे लिया गया। विवेचना के दौरान पीड़िता को आरोपी के कब्जे से बरामद किया गया। पीड़िता से पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा उसे बहला फुसलाकर भगाकर ले जाना और शादी का प्रलोभन देकर शारिरिक संबंध बनाना बताये जाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर गवाहों के कथन लेखबद्ध कर मुलाहिजा जप्ती आदि संपूर्ण विवेचना उपरांत
न्यायालय में आरोपी के विरुद्ध धारा 363, 366, 376(2-N), भारतीय दंड संहिता एवं धारा 6 पाक्सो एक्ट के तहत प्रकरण में सुनवाई हुई जहाँ विशेष अपर लोक अभियोजक न्याजी खान ने न्यायालय के समक्ष सभी गवाहों का कथन लेखबद्ध करवाया और आरोपी को कठोर दण्ड देने की मांग किया।
विशेष न्यायाधीश किरण त्रिपाठी ने प्रकरण की गंभीरता एवं साक्ष्यों के परिशीलन करने बाद आरोपी द्वारा किया गया अपराध सिद्ध होना पाया और अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को भा. द. संहिता की धारा 363 में सात वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹500 का अर्थदंड तथा धारा 366 में दस वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1000 का अर्थदंड तथा धारा 376(2-N) में दस वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये के अर्थदंड तथा पाक्सो एक्ट की धारा 6 में भी दस वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रुपये के दंड से दंडित किया है तथा सभी सजाएं साथ- साथ भुगताए जाने का आदेश दिया गया है। शासन की ओर से पैरवी विशेष अपर लोक अभियोजक न्याजी खान और प्रकरण की विवेचना थाना सिमगा के तत्कालिक विवेचक कुबेर सिंह द्वारा किया गया है।