भाटापारा। थाना सुहेला क्षेत्र से एक नाबालिग लड़की को उसके वैध संरक्षक पिता की सम्मति के बिना उसे अन्यत्र ले जाकर व्यपहरण करने वाले आरोपी देवेंद्र कुमार वर्मा निवासी ग्राम झीपन, थाना सुहेला को विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) भाटापारा किरण त्रिपाठी ने धारा 363 भारतीय दंड संहिता में 07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
विशेष अपर लोक अभियोजक न्याज़ी खान से मिली जानकारी के अनुसार मामला थाना सुहेला के ग्राम झीपन का है जहाँ प्रार्थी के द्वारा थाना सुहेला में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि उसकी नाबालिक लड़की दिनांक 14-11-2019 के समय 10.30 बजे से अपने घर से बिना बताये कंही चली गई है। गुम इंसान की उक्त रिपोर्ट पर अपराध धारा 363 द. प्र. संहिता पंजीबद्ध कर पुलिस द्वारा विवेचना के दौरान पीड़िता को ग्राम सोंडरा थाना धरसींवा में इंद्र कुमार साहू के किराये के मकान में आरोपी देवेंद्र वर्मा के कब्जे से बरामद कर थाने लाया गया तथा पीड़िता का कथन लेखबद्ध किया गया जिसमें आरोपी द्वारा प्रेम एवं शादी का झांसा देकर बहला फुसला कर भगा कर ले जाने का कथन किया गया। पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी, जप्ती, साक्ष्य संकलन आदि संपूर्ण विवेचना बाद अभियोग पत्र विशेष न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
न्यायालय में आरोपी के विरुद्ध प्रकरण में सुनवाई हुई। सभी साक्षियों के बयान दर्ज करवाये गए तथा उपरोक्त प्रकरण में शासन की ओर से विशेष अपर लोक अभियोजक न्याजी खान ने समस्त साक्ष्यों एवं तथ्यों को माननीय न्यायालय के समक्ष रखा तथा नाबालिक लड़कियों के साथ हो रहे इस प्रकार के अपराध के लिए अपराधी को कठोर दंड देने की मांग की गई।
न्यायालय विशेष न्यायाधीश किरण त्रिपाठी द्वारा समस्त साक्ष्यों के समग्र विश्लेषण उपरांत आरोपी को पीड़िता का व्यपहरण करने का दोषी पाया और अपराध की गंभीरता को देखते हुए धारा 363 भादवि. में सात वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1000 का अर्थदंड से दंडित किये जाने का आदेश प्रदान किया गया है । अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर एक माह का पृथक से कारावास की सजा भुगताए जाने का आदेश दिया गया है। शासन की ओर से पैरवी विशेष अपर लोक अभियोजक न्याजी खान भाटापारा एवं प्रकरण की विवेचना थाना सुहेला के तत्कालिक विवेचक जगदेव कुमार साहू द्वारा किया गया।
