शिक्षक भर्ती में सत्यापन के विलंब पर अजय ने उठाया सवाल: 2672 में सिर्फ 8 का हुआ सत्यापन, विभाग की लापरवाही

* अध्यक्ष ने किया हस्तक्षेप कहा समय सीमा में हो सत्यापन
रायपुर/ शिक्षकों की भर्ती में कमियों का प्रश्न अजय चंद्राकर ने उठाया। अलग अलग प्रश्नों में अलग जवाब आने की बात उठाते हुए पूछा कि  30 जून 22 की स्थिति में क्या शिक्षकों के आवेदन दस्तावेजों का सत्यापन कार्य पूरा हुआ है ? मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम से संतोषजनक जवाब नहीं आया। इस पर अजय चंद्राकर ने खुद ही  जानकारी देते हुए सदन में कहा कि 2672 में से सिर्फ 8 लोगों का दस्तावेज सत्यापन किया जा सका है। इस सरकार का शिक्षा विभाग इस तरह चल रहा है। शिवरतन शर्मा ने कहा कि 3139 शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है। अमरजीत सिंह भगत ने कहा कि आपने 15 सालों में क्या किया था उसको भी याद कर लो। आसन्दी से अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मंत्री को निर्देशित किया कि समय सीमा के भीतर काम हो। आप विभाग को इस के लिए निर्देशित करें।  अजय चंद्राकर ने मूल प्रश्न में पूछा था कि 14580 व्याख्याता/शिक्षक/सहायक शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया में मेरे पिछले प्रश्न के जवाब में शिक्षक संवर्गों की भर्ती प्रक्रियाधीन बताई गई थी। क्या वह प्रक्रिया अब पूरी हो गई है ? दस्तावेज के सत्यापन हो गए क्या। भर्ती प्रक्रिया में कितनी अनियमितता पाई गई थी। कितने फर्जी नियुक्ति के प्रकरण दर्ज हुए व कितने पर कार्यवाही हुई। लिखित जवाब में मंत्री प्रेमसाय सिंह ने बताया कि प्रश्नाधीन अवधि में व्याख्याता 2642 ,शिक्षक 3473,सहायक शिक्षक 4326 पदों पर भर्ती कर नियुक्ति प्रदान की गई है। भर्ती प्रक्रियाधीन है समय सीमा बताना सम्भव नहीं है। प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। कार्यवाही का प्रश्न ही नहीं है। चंद्राकर ने पूरक प्रश्न में जानना चाहा कि  दसतावेज सत्यापन में कितना समय लिया जाता है। देरी के कारण क्या है ? देर करनेवाले पर कार्यवाही हुई क्या ? मंत्री द्वारा गोलमोल उत्तर आने पर थोड़ा तनाव का माहौल भी बना। जो चंद्राकर द्वारा पूछा जा रहा था,उसका जवाब नहींआ रहा था। वे इस कारण उतेजित हो गये। इसी उतेजना के दौर में अचानक चंद्राकर ने कहा , मैं अब कुछ नहीं पूछता अपना प्रश्न वापस लेता हूँ। अध्यक्ष ने मामले को सम्हालते हुए सदन में कहा कि मंत्री अपने विभाग को निर्देशित करें कि समय सीमा में काम हो। इसके बाद बात समाप्त हुई।