रायपुर/ आज विधानसभा में शून्यकाल के दौरान भाजपा के सदस्यों ने आंदोलनरत शिक्षकों व कर्मचारियों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिन ,पंचायत कर्मी, मनरेगा,आदि संघर्षरत कर्मियों की चर्चा उठाई व स्थगन ग्राह्य करने का आग्रह सदन में किया। उन्होंने इन वर्गों के वेतन विसंगतियों ,कर्मचारियों के डीए 22 प्रतिशत से बढाए जाने पर चर्चा उठाई। विपक्ष ने आसंदी से आग्रह किया कि काम रोककर इस पर चर्चा कराई जाए। आसंदी ने स्थगन को अग्राह्य करने की घोषणा कर दी। विपक्ष ने हंगामा किया। हंगामा देख कर सभापति सत्यनारायण शर्मा ने सभा की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
शून्यकाल में शिवरतन शर्मा ने इस बात को सबसे पहले उठाया,उनके बाद सिलसिलेवार धरमलाल कौशिक ,नारायण चंदेल,अजय चंद्राकर, जनता कांग्रेस के धर्मजीत सिंह ने इस मुद्दे को उठाया। सभी ने इस मामले को बेहद गंभीर बताया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा किसी भी संबंधित स्कूल में पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। बच्चों पर विपरीत असर पड़ रहा है। पलटवार करते हुए मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि आप लोगों ने अपने समय 2003 ,2008 व 2014 में जो घोषणाएं की गई थीं,उसका क्या हुआ।
