धान खरीदी;  जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का बहिर्गमन

* केंद्र के असहयोग से उपजी समस्या का किया समाधान: भूपेश
 * 2500 में 32 रु. कम दे रही किसानों को सरकार: कौशिक
रायपुर/ नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने आज सदन में धान खरीदी में केंद्र के योगदान पर प्रश्न पूछा। खाद्य मंत्री जवाब दे रहे थे, उसी बीच स्वयं मुख्यमंत्री ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए बताया कि केंद्र से हमें धान खरीदी के लिए कोई भी राशि नहीं मिलती है। धान हम अपनी राशि से खरीदते हैं। धान से मिलिंग के बाद जो चावल केंद्र को दिया जाता है ,उसकी राशि केंद्र से हमें मिलती है। कौशिक ने इसके साथ ही पूछा कि आप पूरे 2500 नहीं दे रहे हैं। उस राशि में भी आप पिछले साल तक 85 व इस साल 32 रुपये कम दे रहे हैं। राजीव न्याय योजना में आप 15 एकड़ में 9000 यानी प्रति एकड़ 600 क्विंटल ही दे रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने उल्टे विपक्ष के भाजपा सादस्यों से पूछ लिया कि आपने दो साल का बोनस दिया क्या ? इस पर विपक्ष उग्र हो गई और हंगामा कर दिया। अंततः नारे लगाते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया।
सदन में धरमलाल कौशिक ने खाद्य मंत्री से प्रश्न किया था, लेकिन जवाब मुख्यमंत्री ने स्वयं दिया। भाजपा के सदस्यों ने इस बात को प्रतिष्ठा दिलाने का प्रयास किया कि केंद्र भी धान खरीदी के लिए राशि देती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की इस महत्वकांक्षी योजना के प्रश्न पर उन्होंने खुद ही जवाब देना सही माना। उन्होंने जबरदस्त रूप से भाजपा के इस बात का खंडन किया। भाजपा ने यह भी बताने का प्रयास भी किया कि पूरे 4500 नही दिया जा रहा है। वर्तमान में 32 रुपये प्रति एकड़ कम दिया जा रहा है। इनका भी खण्डन कांग्रेस ने अपने तरीके से किया। भाजपा ने यह भी कहा कि आप पहले 2500 दिए फिर 10000 रु. प्रति एकड़ दिया फिर अपने अब 9000 कर दिया। इसका भी जवाब मुख्यमंत्री ने दिया कि किन किन कारणों से यह हुआ। उन्होंने बताया हम तो 2500 दे रहे थे।  आपकी केंद्र सरकार ने उसमें अड़ंगा लगाया।  यह कहा कि हम बोनस दे रहे हैं , इसलिए हमारा चावल नहीं लेंगें। हमने रास्ता निकाला। राजीव गांधी न्याय योजना लागू किया और केंद्र के समर्थन मूल्य में धान खरीद रहे और शेष राशि प्रोत्साहन राशि के रूप में राजीव गांधी न्याय योजना  के माध्यम से पूरा कर रहे हैं। हम अपने वायदे को पूर्ण कर रहे हैं। अगले साल 2640 मिलेगी किसानों को धान की कीमत।  यह भी कहा कि हमें कोई भी अग्रिम राशि केंद्र से धान खरीदी के लिए नहीं मिलती है। जो चावल हम केंद्र को देते हैं,हमें उसकी राशि ही केंद्र से मिलती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आप लोग भी जानते हैं कि कैसे आपने अपनी संभावित हार की बात कह कर केंद्र से 2 साल के बोनस के लिए आग्रह किया था। आपको अनुमति मिल गई थी ,हमें नहीं दी गई। उल्टे यह कहा गया कि आप अगर असमर्थन मूल्य से अधिक राशि का भुगतान करेंगें,तो आपका चावल केंद्र खरीदी नहीं करेगी। जवाब से असंतोष जाहिर करते हुए भाजपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया। सवाल जवाब के दौर में अजय चंद्राकर,बृजमोहन अग्रवाल,नारायण चंदेल,धरमलाल कौशिक, सौरभ सिंह भी सक्रिय रहे।