तेज गर्मी से पानी की खपत बढ़ी, वाटर लेवल गिरने लगा

 

भाटापारा। बीते 1 सप्ताह से तेज गर्मी पड़ने लगी है और इसी के साथ ही जहां सभी स्थानों पर पानी की खपत बढ़ गई है वही वाटर लेवल भी तेजी से डाउन हुआ है इस बार लगातार पड़ रही तेज गर्मी के चलते ऐसा अंदेशा है कि आने वाले दिनों में पानी की किल्लत से लोगों को जूझना पड़ सकता है शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के तालाब में निरंतर पानी कम होते जा रहा है और तालाब अब सूखने लगे हैं गर्मी के प्रारंभ होते ही शहर के बाहरी वार्डो में अभी भले ही कम सही पर जल संकट शुरू हो चुका है इस मामले में नगरपालिका का भी यह कहना है कि फिलहाल पानी के संकट की कोई स्थिति नहीं है हां टैंकरों के माध्यम से पहुंचाया जाने वाले पानी की मांग बढ़ चुकी है। गर्मी की शुरू होते ही लोगों के घरों में जल की खपत बढ़ चुकी हैं पेयजल के साथ अब लोगों को कूलर के लिए भी पानी की आवश्यकता पड़ती है कूलर में पानी की भारी खपत के चलते पानी की बहुत ज्यादा मांग बढ़ती जा रही है। नगर पालिका के द्वारा शहर के सार्वजनिक बोर में पाइप बढ़ाने का काम शुरू कर दिया गया है । ब्लॉक के कुछ गांव में जल संकट की आहट सुनाई देने लगी है अभी जब की पूरी ग्रीष्म ऋतु बाकी है गर्मी का यह प्रारंभिक दौर है पूरा अप्रैल मई और जून का महीना भीषण गर्मी के लिए अभी बाकी है जिस को ध्यान में रखकर शासन प्रशासन को एवं नगरपालिका सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को सतर्क रहना होगा।

वाटर लेवल में तेजी से गिरावट

एकाएक गर्मी के तेज होने के साथ ही वाटर लेवल में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है पानी की खपत बढ़ने से वाटर लेवल तेजी से नीचे जा रहा है वर्तमान में औषध 180 फीट पर वाटर लेवल बताया जा रहा है जो आने वाले दिनों में 240 फिट से भी अधिक तक जा सकता है। वाटर लेवल का डाउन होना चिंता का विषय है।

वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य
वाटर हार्वेस्टिंग नहीं होने से काफी दुष्प्रभाव पड़ रहा है जबकि शासन की ओर से वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य कर दिया गया है बावजूद इसके 80% स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। इस मामले में शासन को कड़ाई बरतने की जरूरत है तभी वाटर लेवल को मेंटेन रखा जा सकेगा।