भाटापारा। नगर के सबसे पुराने नेहरू,संजय नया गंज दुर्गोत्सव में 51 वा वर्ष बहुत ही सादगी और हर्सोल्लास के साथ मनाया जा रहा हैं। प्रसासनिक दिशा निर्देश के तहत मंडप पर सी सी कैमरा और सेनेटाइजर की व्यवस्था पंडाल पर रखी गई है।पंचमी के अवसर पर माता के दरबार को फूलों से सजाया गया है, जिसे देखने माता भक्तो का आना जाना लगा हुआ है।
नगर सहित समूचे ग्रामीण अंचल में गुरुवार से क्वार नवरात्रि का पर्व जोर शोर से प्रारंभ हो गया शुभ मुहूर्त पर पूजा अर्चना के साथ ही दुर्गा मंडप पर ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए है।इस बार नवरात्रि के पहले दिन से ही सभी देवी मंदिरों में आने जाने और रात के समय दुर्गा मण्डप पर भक्तों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली।शहर के सबसे पुराने नवदुर्गा जनसेवा समिति दुर्गोत्सव नेहरू,संजय नयागंज वार्ड में इस बार भी गत वर्ष की भांति दुर्गोत्सव का पर्व बड़े ही उत्साह, उमंग और सादगी के साथ मनाया जा रहा है।इस दुर्गा समिति से जुड़े सुशील अग्रवाल, दिनेश जायसवाल,सुरेश सिन्हा ने बताया कि इस मंडप पर पिछले 51 वर्ष से लगातार अनवरत दुर्गा माता की प्रतिमा स्थापित होते आ रही है।समिति से जुड़े हरीश दवे, संदीप अग्रवाल के मुताबिक गत वर्ष 50 वा वर्ष बड़े धूमधाम से मनाने का था,लेकिन गत वर्ष और इस वर्ष भी कोविद के चलते सादगी और प्रशासनिक दिशा निर्देश के पालन के चलते पूरी सादगी के साथ दुर्गोत्सव मनाया जा रहा है।
दुर्गा पंडाल की व्यवस्था को देखने वाले अमित दवे और प्रेमलाल साहू ने बताया कि इस मण्डप पर हमेशा श्रीमद भगवत कथा का आयोजन होता रहा है, लेकिन कोरोना महामारी के कारण पिछले 2 वर्ष से इस आयोजन को स्थगित रखा गया है। समिति के युवा सिद्धार्थ शर्मा, सोमेश सिन्हा मुसाफिर ने बताया कि माता के भक्तों के द्वारा 79 ज्योतिकलश की स्थापना इस मण्डप पर कराई गई । हर वर्ष यहाँ ज्योति कलश की स्थापना देवी भक्तो के द्वारा कराई जाती है।
आरती देखते ही बनती है
ज्योति कलश प्रज्वलित कराने आये भक्तों की सेवा करने वाले बंटी किराना दुकान के संचालक मनीष दवे ने बताया कि इस मण्डप पर शाम के वक्त होने वाली आरती में शामिल होने आने वाले भक्तगण अपने अपने घरों से पूजा आरती की थाल सजा कर लाते हैं,जिसके फलस्वरूप यहाँ रोजाना आरती का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है।
14 साल बाद मिला यजमान बनने का मौका
नवदुर्गा जनसेवा समिति के मुख्यकर्ता धर्ता एवम छत्तीसगढ़ विद्युत मण्डल के संभागीय कार्यालय में पदस्थ सुरेश सिन्हा इस बार यजमान के रूप में पूजा कर रहे हैं।मण्डप के बैगा सुरेंद्र चोंगा ने बताया कि यजमान सुरेश सिन्हा को लगभग 14 साल बाद यजमान बनने का मौका मिला है, उनसे दुर्गामाता के मुख्य पुजारी राममिलन महाराज दोनो वक्त की पूजा व आरती पूरे विधि विधान से संपादित कराते हैं।
पिछले 51 वर्ष से चली आ रही इस परंपरा को सुचारू और सहयोग करने नेहरू,संजय,नयागंज के वार्डवासियों का भरपूर सहयोग मिलता रहता है, नारायण साहू,राकेश यादव ,राजेश राठी,बिट्टू शर्मा,जित्तू चक्रधारी,पिंटू शर्मा सहित युवा वर्ग भी इस आयोजन में बढ़चढ़ कर अपना योगदान कर रहे हैं।
