भाटापारा में झमाझम बारिश, सड़कों और गलियों में भरा पानी


भाटापारा। नगर और आसपास के नजदीकी ग्रामो में दोपहर को तेज मूसलाधार बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया।शहर की प्रमुख सड़को सहित शासकीय दफ्तरों के ग्राउंड में भी पानी भर गया।जिसके चलते सभी जगहों पर लोगो को आने जाने में काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।शुक्रवार को भी लगभग 87 मिमी वर्षा यहाँ दर्ज की गई थी।
शनिवार को सुबह से ही बने मौसम के बाद दोपहर 12 बजे के बाद नगर में जमकर वर्षा हुई।लगभग डेढ़ घंटे से भी ज्यादा समय तक हुई वर्षा के कारण पूरा जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। शहर के अनेक हिस्सो में पानी भरने और निचले हिस्सो के घरों में पानी घुसने की शिकायत मिली हैं।वही अधिकांश वार्डो में नालियों का पानी सड़को में बहने लगा और नालियों की गंदगी सड़को पर होने से लोगो को मजबूरन आने जाने विवस होना पड़ा। सरस्वती शिशु मंदिर का नाला जिसमे जिसमे शहर के आधा दर्जन वार्डो का पानी नालियों के माध्यम से आता हैं वो पूरी तरह से भर गया और नाले के कई हिस्सों में लगी जाली में झिल्ली,कपड़ा और अन्य सामगी के फसने से नाले का पानी निकल नही पाया और संजय वार्ड में उसी स्थान पर पानी मिनी तालाब का रूप धारण कर लिया जहां की शिकायत लगातार वार्ड वासी कर रहे हैं।
संजय वार्ड में पानी भरने से वहाँ चल रहे नाली निर्माण के ठेकेदार ने टुल्लू पम्प लगा कर वहाँ के पानी को निकलवाया,तब जाकर उक्त ठेकेदार के निर्माण कर्मियों ने अपना नाली निर्माण पुनः प्रारम्भ किया। लगभग एक रफ्तार से हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर पालिका को अपनी व्यवस्था पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।मंडी रोड़ पर प्रापर पानी निकासी की समस्या का समाधान ना हो पाने सड़को में घुटनो तक पानी भर गया। अनेक स्थानों पर नालियों के जाम होने की शिकायतें सामने आई है जबकि बहुत सी जगह पानी के प्रॉपर निकास की व्यवस्था नहीं होने की भी शिकायत मिली है ।जनपद ऑफिस के ग्राउंड में भी पानी भर गया।पानी निकासी की कोई व्यवस्था वहाँ ना होने से पानी का जमावड़ा वहाँ हो गया। शनिवार को हुई झमाझम बारिश को छोड़ दे तो 1 जून से अब तक 842 मिमी वर्षा इस तहसील में रिकार्ड दर्ज की गई हैं।शुक्रवार को भी लगभग 87,8मिमी वर्षा यहाँ हुई थी। नगर और आसपास के ग्रामीण अंचल में हुई बारिश के बाद कृषको को भरपूर मात्रा पानी उनके खेतो को मिल गया हैं।पर्याप्त मात्रा में पानी गिरने और फसल होने की पुरी सम्भावना के बाद यहाँ की मंडियों में भारी मात्रा में किसान अपनी फसल बेचने आ रहे हैं, जो अंचल के व्यापारियों के लिए अच्छी बात कही जा रही है।

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