भाटापारा। केंद्र सरकार द्वारा बड़े औद्योगिक घरानों के हित में पारित किसान कृषि और आम उपभोक्ता विरोधी कानून को रद्द करने और सभी कृषि उपजों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की खरीदी की गारंटी के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर विगत 26 नवंबर 2020 से किसानों का आंदोलन दिल्ली से सीमाओं पर लगातार जारी है। इसी तारतम्य में पूर्व मंडी उपाध्यक्ष रमेश यदु ने कहा कि साल दर साल किसानों की उत्पादन लागत लगातार पढ़ रही है लेकिन उपज का लाभकारी दाम किसानों को नहीं मिल पा रहा है। राज्य सरकार के द्वारा 14 क्विंटल 80 किलो प्रति एकड़ की खरीदी की जाती है, लेकिन शेष बाकी धान धान मंडियों में कोचियों के माध्यम से बेचने के लिए मजबूर होते है। गेहूं मक्का के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य जरूरी निर्धारित होती है लेकिन खरीदी की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण हम खुले बाजार पर निर्भर है, जहां सही दाम नहीं मिल पाता। श्री यदु ने आगे कहा कि नये कानून मैं मोदी सरकार यह बात कह रही की किसान अपनी उपज को किसी भी व्यापारी को मनचाहे दाम पर विक्रय कर सकता ,है लेकिन इसके लिए कोई कानून गारंटी नहीं देता है कि स्वामी नाथन आयोग के सिफारिशों के अनुरूप हमारी उपज की लागत से डेढ़ गुना अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होगा और तय मूल्य से कम पर मंडी के भीतर या बाहर कहीं पर खरीदी होने पर कानूनी कार्रवाई होगी। श्री यदु ने आगे कहा कि या लड़ाई आम उपभोक्ताओं के लिए जरूरी भी है जैसे कि पिछले लॉकडाउन में देखा गया कि ₹10 का नमक ₹100 में ₹30 का आलू ₹70 में ₹20 का प्याज ₹120 में खरीदना पड़ रहा था। बड़े व्यापारियों के गोदामों में राशन जमा होने के बाद जमाखोरी कालाबाजारी और महंगाई बढ़ जाती है इसलिए आज किसान कृषि को बचाकर ही आम उपभोक्ताओं के लिए भोजन का अधिकार सुरक्षित हो पाएगा। किसान और खेती को बचाने के लिए आज का सही मूल्य मिलना जरूरी है। केंद्र सरकार सभी सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण ठेकाकरण कर बेच रही है, जिसे युवाओं के सामने सुरक्षित रोजगार का विकल्प समाप्त होते जा रहा है। वहीं दूसरी ओर श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम संहिता के माध्यम से सारे अधिकार कारपोरेट घराने के हित में छीन लिया गया है। अतः आप सभी से अनुरोध है कि किसान कृषि और आम उपभोक्ताओं विरोधी कानून को रद्द करने, सभी कृषि उपजों को न्यूनतम मूल्य पर खरीदी की गारंटी को पारित करने की मांग को लेकर दिनांक 28 सितंबर 2021 दिन मंगलवार को छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय किसान महापंचायत का भव्य आयोजन किसी कृषि उपज मंडी समिति राजीम में किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में देश व प्रदेश के किसान नेता शामिल होंगे
28 को किसान महापंचायत, कृषि को बचाकर ही भोजन का अधिकार सुरक्षित हो पाएगा: रमेश यदु
