भाटापारा। भारतीय भाषा मंच छत्तीसगढ़ द्वारा रक्षाबंधन के पावन अवसर पर प्रथम राज्यस्तरीय कवि गोष्ठी का आयोजन ‘गूगल मीट’ के माध्यम से 23 अगस्त को किया गया। छत्तीसगढ़ के बाल साहित्यकारों का यह कवि सम्मेलन जिसमें बाल साहित्य लिखने वाले सभी बाल साहित्यकार ऑनलाइन जुड़कर अपनी-अपनी रचनाएँ प्रस्तुत किये। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के जाने-माने बाल साहित्यकार व गीतकार डॉक्टर पीसीलाल यादव जी थे। अपने उद्बोधन में यादव जी ने बाल साहित्य पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि आप सभी अच्छा लिख रहे हैं। आप अपनी रचनाओं को लोक साहित्य के रंग में रंगिए। किसी भी लोकधुन को आधार मानकर आप बाल साहित्य का सृजन करिए। इसके अलावा बाल कहानियाँ, नाटक, निबंध, आलेख जैसी गद्य विधाओं पर भी बाल सृजन करिए। इसके बाद इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सुपरिचित बाल साहित्यकार बलदाऊ राम साहू जी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में नवांकुरों को मार्गदर्शन प्रदान हुए बताये कि हमें लिखने के साथ-साथ बाल मनोवैज्ञानिक के अध्ययन की आवश्यकता है। साथ ही साथ सुप्रसिद्ध बाल साहित्यकारों की कृतियों को अध्ययन करना भी चाहिए। दोनों विशिष्ठ अतिथियों ने अपनी-अपनी रचनाएँ भी प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम का सफल संचालन उभरते हुए बाल रचनाकार कन्हैया साहू ‘अमित’ ने किया। तकनीकी सहयोग अनिता चंद्राकर जी ने दी। इस कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों में सतीश उपाध्याय जी, महेश राजा जी, सीताराम साहू जी, द्रोपती साहू, जागृति सार्वा, मधु तिवारी, योगेश्वरी साहू, रविबाला ठाकुर, ओमप्रकाश साहू, गिरधारी लाल चौहान,विरेंद्रनाथ गोपालन, कमलेश प्रसाद शर्मा, कुलदीप सिन्हा, कुलेश्वर जायसवाल, सीताराम पटेल आदि। इन सभी रचनाकारों ने अपनी रचनाओं का सस्वर काव्य पाठ किए। काव्यपाठ के अतिरिक्त छत्तीसगढ़ी बाल साहित्य के वर्तमान दशा व दिशा पर विचार मंथन हुआ। भविष्य में ‘छत्तीसगढ़ बाल साहित्य परिषद’ गठन कर सभी बाल साहित्यकारों को एक मंच पर संगठित करने की गई ताकि बाल साहित्य के समस्त विधाओं पर मार्गदर्शन व कार्यशाला आयोजित की जा सके। कार्यक्रम के अंत में सभी बाल रचनाकारों को एक संगठन के रूप में संगठित होने का आह्वान करते हुए समापन किया गया।
छत्तीसगढ़ी बाल साहित्य पर प्रथम राज्य स्तरीय कवि सम्मेलन
