मानसून रूठा: खेतों में पड़ने लगीं दरारें, किसान चिंतित

भाटापारा। पिछले लगभग 6 दिनों से क्षेत्र में बिल्कुल भी बारिश नहीं होने की वजह से लगातार झुलसाती हुई तेज उमस भरी गर्मी पड़ रही है तो वहीं दूसरी तरफ मानसून के अचानक रूठ जाने की वजह से फसलो पर भी बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है तेज गर्मी का असर भूजल स्तर से लेकर धान की फसल तक में नजर आ रहा है जहां जहां पानी का लेवल ठीक है वहां वहां थोड़ा बहुत कृषि कार्य चल रहा है परंतु असिंचित क्षेत्रों में किसानों को बेहद तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है पानी नहीं गिरने की वजह से खेतों में दरारें पड़ने शुरू हो चुकी है और कचरे भी उग रहे हैं इसलिए भविष्य में निंदाई व्यय बढ़ जाएगा जिससे खेती की लागत बढ़ जाएगी इससे किसानों को नुकसान होगा वर्तमान में ज्यादातर हिस्सों में ब्यासी की हो चुकी है और खेतों को अब पानी की सख्त आवश्यकता है परंतु पानी गिर ही नहीं रहा है जिसकी वजह से फसल सूखने लगी है और खेतों में दरारें दिखाई देने लगी है। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए देखने के लिए विवश है अत्यधिक तेज धूप की वजह से खेतों में नमी भी कम हो चुकी है अब खेतों को पानी की सख्त आवश्यकता है पिछले 6 दिनों से पानी नहीं गिरने की वजह से कृषि कार्य बेहद पिछड़ चुका है कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल धान की फसल के नुकसान की स्थिति नहीं बनी है परंतु यदि इसी प्रकार बारिश नहीं हुई और तेज गर्मी पड़ती रही तो आगामी दिनों में फसल को तगड़ा नुकसान हो सकता है इसको लेकर क्षेत्र के किसान काफी चिंतित है पानी के अचानक गायब होने से किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं पानी की कमी की वजह से पौधे झुलसने भी शुरू हो चुके हैं। सावन लगते ही ठीक-ठाक बारिश होने से किसानों के चेहरे खिले हुए थे परंतु पिछले दिनों से बारिश के बंद होने के बाद से किसानों की चिंता बढ़ गई है वर्तमान में 31,32 डिग्री का तापमान चल रहा है तेज धूप और गर्मी की वजह से एक और जहां लोगों को बहुत बुरा हाल है वही उमस से लोगों के पसीने छूट गए है।
ब्यासी और रोपाई का कार्य लगभग पूरा
क्षेत्र में धान की ब्यासी एवं रोपाई का कार्य लगभग किसानों ने पूरा कर लिया है अब खेतों को पानी की बहुत ज्यादा हो सकता है पानी नहीं गिरने की वजह से फसल सूखने लगी है और जमीन में नवमी लगभग समाप्त हो गई है। कृषि विभाग के अनुसार दलहन तिलहन की बोनी मैं इसका सीधा असर पड़ रहा है पढ़ रही तेज गर्मी के कारण कोई भी काम नहीं हो पा रहा है कृषक रामदुलार संतोष कुमार दिनेश यादव ने बताया कि पानी नहीं गिरने की वजह से खेतों में अब दरार दिखाई देने लगी है। उनका कहना है कि पानी नहीं गिरने से खेतों की नमी समाप्त हो चुकी है इसलिए अब पानी का गिरना बेहद जरूरी है और फसल तभी बच पायेगी जब जल्द से जल्द इंद्र देव की कृपा होगी।
कई क्षेत्रों में सूखा
ग्राम सूरजपुरा से लेकर दत रेंगी कड़ार,सिंगारपुर, कोदवा ,निपनिया, मोपका, मोपकी, धनेली, बिटकुली एवं कहरी बाजार तक पानी की बेहद ज्यादा कमी है इन क्षेत्रों में बहुत कम पानी गिरा है क्षेत्रों के किसानों ने शीघ्र ही नहर में पानी छोड़ने की मांग की है ताकि फसल को बचाया जा सके।

नहरों से पानी छोड़ा जाना जरूरी
पानी की बेहद ज्यादा कमी है फसल को बचाने के लिए अब नहर में पानी थोड़ा जाना अति आवश्यक है सरकार को शीघ्र ही नहर में पानी छोड़ना चाहिए ताकि किसानों को राहत मिल सके।
डॉ रामेश्वर वर्मा
अध्यक्ष लेवई सोसाइटी एवं उन्नत कृषक


3-4 दिनों में पानी नहीं गिरा तो भारी नुकसान
खेतों को पानी की सख्त आवश्यकता है खेतों की नमी में कमी आई है यदि 3,4 दिन पानी और नहीं गिरता है तो किसानों को काफी नुकसान हो सकता है।
बीएन वर्मा कृषि अधिकारी भाटापारा

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