नाबालिग के अपहरण और बलात्कार के आरोपी को 10 वर्ष का कठोर कारावास और जुर्माना

  • भाटापारा। थाना सुहेला के अंतर्गत ग्राम सूहेला से एक नाबालिग लड़की को उसके संरक्षक की सहमति के बिना बहका कर अन्यत्र ले जाकर विधि पूर्ण संरक्षता से व्यपहरण और पीड़िता की इच्छा के विरुद्ध विवाह के लिए विवश करने के आशय से बलात्संग करने वाले आरोपी विजय भारती पिता दीपक भारती निवासी ग्राम भैसापसरा को विशेष न्यायाधीश शेख अशरफ भाटापारा ने धारा 376 भारतीय दंड संहिता में 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
    व्यवहार न्यायालय भाटापारा से अतिरिक्त लोक अभियोजक न्याज़ी खान से मिली जानकारी के अनुसार मामला थाना सुहेला देवार मोहल्ला ग्राम सूहेला का है जहाँ दिनांक 16-06-2019 को समय प्रात: 4 बजे प्रार्थी के निवास स्थान से पीड़िता जिसकी आयु 18 वर्ष से कम थी को आरोपी विजय भारती के द्वारा उसके संरक्षण की सहमति के बिना बहकाकर , ले जाकर विधि पूर्ण संरक्षण से व्यपहरण किया और विभिन्न स्थानों पर पीड़िता को ले जाकर उसकी इच्छा एवं सहमति के विरुद्ध उसके साथ बार-बार बलात्संग किया । पीड़िता के भाई द्वारा अपनी बहन के गुम हो जाने का रिपोर्ट थाना सुहेला में दर्ज करवाया था कि उसकी बहन 16-06-2019 के सुबह से घर में बिना बताए कहीं चली गई है जिसका रिश्तेदारों और आसपास में तलाश किए, नहीं मिला । प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलिस थाना सुहेला में अपराध दर्ज किया गया। थाना सुहेला के विवेचना अधिकारी टेकराम साहू सहायक उपनिरीक्षक द्वारा प्रकरण विवेचना में लिया गया एवं घटना स्थल का नजरी नक्शा तैयार कर दिनांक 30-10-2019 को भैसापसरा बलोदा बाज़ार से पीड़िता को आरोपी के पास से बरामद कर बरामदगी पंचनामा तैयार किया गया तथा पीड़िता के मिलने पर पूछताछ करने पर अपने कथन में आरोपी द्वारा बहला-फुसलाकर शादी करना पत्नी बनाकर रखने का प्रलोभन देकर भगा ले जाना तथा गलत संबंध बलात्कार करना बताई जिसके आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर साक्ष्य संकलन, उम्र संबंधी दाखिल खारिज एवं अन्य जप्ती आदि की कार्यवाही व डॉक्टर मुलाहीजा उपरांत संपूर्ण विवेचना पश्चात न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया।
    न्यायालय में आरोपी के विरुद्ध धारा 363, 366, 376 भारतीय दंड संहिता एवं धारा 06 पाक्सो एक्ट के तहत प्रकरण में सुनवाई प्रारंभ हुई। सभी साक्षियों के बयान दर्ज करवाये गए तथा उपरोक्त प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक न्याजी खान ने समस्त साक्ष्यों एवं तथ्यों को माननीय न्यायालय के समक्ष रखा तथा नाबालिक लड़कियों के साथ हो रहे इस प्रकार के अपराध के लिए अपराधियों को कठोर दंड देने की मांग की गई जिस पर न्यायालय विशेष न्यायाधीश शेख अशरफ द्वारा विचार कर एवं समस्त साक्ष्यों एवं दस्तावेजों का अनुशीलन करने पर न्यायालय ने पीड़िता की आयु 18 वर्ष से कम होना पाया तथा आरोपी द्वारा पीड़िता को बहला-फुसलाकर उसके संरक्षक की सहमति के बिना के अवैध संबंध स्थापित करने का दोषी पाया। संपूर्ण प्रकरण का अवलोकन करने एवं दोनों पक्षों के तर्क सुनने के पश्चात माननीय विशेष न्यायाधीश शेख अशरफ भाटापारा ने आरोपी विजय भारती को दोषी पाया और अपराध की गंभीरता को देखते हुए धारा 363 में 4 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹500 का अर्थदंड तथा धारा 366 में 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹500 का अर्थदंड तथा धारा 376 में 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं 500 रुपये के अर्थदंड तथा पाक्सो एक्ट की धारा 6 में भी 10 वर्ष का कठोर कारावास व 500/- रुपये से दंडित किये जाने का आदेश प्रदान किया गया है । अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर पृथक से सजा दिये जाने का भी आदेश दिया गया है। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक न्याजी खान एवं प्रकरण की विवेचना थाना सुहेला के सहायक उप निरीक्षक टेकराम साहू द्वारा किया गया।

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