भाटापारा। ग्राम पंचायत ढेकुना के कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष सरिता सत्यनारायण ठाकुर ने शामिल होकर छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल की सरकार के द्वारा रोका छेका का कार्यक्रम की जानकारी उपस्थित लोगों को देते हुए कहा कि इसके माध्यम से हम अपने फसलों की सुरक्षा आसानी से कर सकते हैं इसलिए इसे हम सबको मिलकर अपनाना चाहिए। जिला पंचायत उपाध्यक्ष सरिता सत्यनारायण ठाकुर के द्वारा छत्तीसगढ़ के भूपेश सरकार की चल रही महत्वकांक्षी योजनाओं के बारे में जानकारी दी एवं विस्तार पूर्वक बताया गया की शासन की महती योजना रोकाछेका से मवेशियों की सुरक्षा और फसलों की सुरक्षा कैसे करें और गौठान बनने से उनके फायदे किसान की उन्नति ₹2 किलो में गोबर की खरीदी मवेशियों की सुरक्षा एवं चारा गठान बनने से किसानों को एवम मवेशियों को लाभ होगा। ग्रामीण किसान मजबूत बन रहे हैं और जैविक खाद से फसलों का उत्पादन डबल हो रहा हैं और पौष्टिक फसल का उत्पादन हो रहा हैं जो हमारे सेहत के लिए फायदेमंद है गठान की देखरेख के लिए महिला समूह को विशेष जिम्मेदारियां दी जा रही हैं जिससे हमारे महिला समूह मजबूत हो रही है महिलाओं का विशेष त्यौहार हमारे छत्तीसगढ़ में तीजा पोरा है जिसे हमारी भूपेश सरकार विशेष त्योहार के रूप में अलग पहचान दिया है और छत्तीसगढ़ के सरकार के द्वारा तीजा पोरा के दिन अवकाश घोषित किया गया है एवं भूपेश सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ में बिजली बिल हाफ किए गए हैं और किसानों के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि किसानों की धान की खरीदी मूल्य 2500 दिया जा रहा है जिससे किसान काफी मजबूत हुए हैं और खेती को बढ़ावा मिल रहे हैं आज हर किसान अन्य फसल छोड़ो सिर्फ धान बोल रहे हैं छत्तीसगढ़ के भूपेश सरकार गांव किसान और गरीब के हितैषी हैं सबका विकास सबका साथ भूपेश सरकार के साथ इन सभी योजनाओं से गांव किसान एवं सभी वर्ग खुश हैं उक्त कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष सरिता सत्यनारायण ठाकुर के साथ गांव के सरपंच बिरजा निषाद गौरी निषाद कुंती साहू बिंदा साहू चुन्नी वैष्णव भगवंती निषाद रामप्यारी साहू सरला जांभाई फुलमतिया वैष्णव के दिया जगमत मुनि सरिता देवी कुमारी दुकालू सुमित्रा जांगड़े पूजा लहरें कुसुम लहरें रुकमणी बंजारे विशाल सा सामान नीलू तीजन दिव्या गीता शुक्रिया प्रिया बंजारे विद्या वैष्णव संतु राम साहू इंद्रपाल लहरें राम लखन लाल बंजारे गणेश राम जांगड़े प्रसाद बंजारे आदि समस्त ग्रामवासी एवं सरपंच पंच उपस्थित रहे।
रोका-छेका को अपनाएं, फसलों को बचाएं: सरिता
