बीजापुर हमला: 23 जवान शहीद

रविवार को मिले 18 शव, सर्च ऑपरेशन जारी
बीजापुर/ छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर और सुकमा जिले की सीमा पर नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के बाद आज सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाकर्मियों के 18 और शव मिले हैं। इस तरह से नक्सली हमले में कुल 23 जवान अब तक शहीद हो चुके हैं। बता दें कि कल ही पांच जवान शहीद हो गए थे और करीब 28 घायल जवान अस्पताल में भर्ती हैं। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपना असम दौरा बीच में छोड़ कर दिल्ली लौट रहे हैं। खबर के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए बैठक लिया। इसलिए वह असम में अपना चुनावी दौरान बीच में छोड़कर दिल्ली वापस आ रहे हैं। बता दें कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर और सुकमा जिले की सीमा पर नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के बाद से 21 जवान लापता हैं और उनकी खोज जारी है।
पुलिस अधिकारी ने बताया था कि सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से एक महिला नक्सली का शव बरामद किया है। मुठभेड़ में नक्सलियों को भी काफी नुकसान होने की खबर है। दरअसल, बस्तर इलाके में शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे जोनागुड़ा गांव के पास नक्सलियों की पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) बटालियन और तर्रेम के सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ तीन घंटे से अधिक समय तक चली। पाल ने बताया था कि मुठभेड़ में कोबरा बटालियन का एक जवान, बस्तरिया बटालियन के दो जवान तथा डीआरजी के दो जवान (कुल पांच जवान) शहीद हो गए थे। इस दौरान 28 जवान घायल हुए हैं। घायल जवानों में से 13 जवानों को रायपुर के अस्पताल में तथा 15 जवानों को बीजापुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पीएम मोदी ने शोक जताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सली हमलें में जवानों के शहीद होने पर शोक जताया है। पीएम मोदी ने कहा कि जवानों के बलिदान को कभी नहीं भुलाया जाएगा। ट्वीट कर पीएम मोदी ने लिखा, मेरी संवेदनाएं छत्तीसगढ़ में शहीद हुए जवानों के परिजनों के साथ है। वीर शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना है।
गृह मंत्री शाह ने जताया दुख
गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, मैं छत्तीसगढ़ में माओवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए हमारे वीर सुरक्षाकर्मियों के बलिदान को नमन करता हूं। राष्ट्र उनके शौर्य को कभी नहीं भूलेगा। मैं उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। हम शांति और प्रगति के इन दुश्मनों (नक्सलियों) के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
शाह ने की बघेल से बातचीत- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के पांच जवानों के शहीद होने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से रविवार को बात की और हालात का जायजा लिया। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री ने बघेल से बात की और मुठभेड़ के बाद पैदा हुई स्थिति की जायजा लिया। ऐसा माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को मुठभेड़ के बाद राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
पहले से था बड़े हमले का अंदेशा
बीजापुर-सुकमा जिले का सरहदी इलाका जोनागुड़ा नक्सलियों का मुख्य इलाका है। यहां नक्सलियों की पूरी एक बटालियन और कई प्लाटून हमेशा तैनात रहती हैं। इस पूरे इलाके की कमान महिला नक्सली सुजाता के हाथों में है। माना जा रहा है कि अफसरों को पहले से ही इस बात का अंदेशा था कि जवानों पर नक्सलियों का बड़ा हमला हो सकता है। यही कारण था कि पूरे इलाके में दो हजार से ज्यादा जवानों को उतारा गया था। नक्सलियों की ओर से की गई गोलीबारी में घिरने के बाद भी जवानों ने हौसला नहीं खोया और नक्सलियों का घेरा तोड़ते हुए तीन से ज्यादा नक्सलियों को ढेर कर दिया है। घायल जवानों और शहीदों के शव को घेरे से बाहर भी निकाल लिया। शहीद जवानों में दो-दो बस्तरिया बटालियन और डीआरजी और एक कोबरा से हैं।
तीन सालों में 970 नक्सली घटनाएं
छत्तीसगढ़ में तीन साल में 970 नक्सली घटनाएं 2 फरवरी 2021 को लोकसभा में नक्सली घटनाओं को लेकर सरकार से जानकारी मांगी गई थी. गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने इसका जवाब दिया था. उनके मुताबिक देश के नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सली घटनाओं में कमी आ रही है. गृह मंत्रालय के मुताबिक, 2018 में देशभर में 833 नक्सली घटनाएं दर्ज हुई थीं, जो 2019 में घटकर 670 और 2020 में घटकर 665 हो गई. हालांकि, छत्तीसगढ़ में 2019 की तुलना में 2020 में नक्सली घटनाएं बढ़ी हैं. लोकसभा में दिए जवाब में सरकार ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 2018 से लेकर 2020 तक तीन सालों में 970 नक्सली घटनाएं हुई थीं, जिनमें सुरक्षाबलों के 113 जवान शहीद हुए थे. वहीं, 2019 में छत्तीसगढ़ में 263 नक्सली घटनाएं दर्ज हुई थीं, जो 2020 में करीब 20′ बढ़कर 315 हो गईं. जबकि, 2019 में नक्सली हमलों में छत्तीसगढ़ में 22 जवान शहीद हुए थे और 2020 में 36 जवानों की जान गई.

Leave a Reply