0 अरुण पटेल
सतपुड़ा की रानी तथा सतपुड़ा सुंदरी के नाम से विख्यात पचमढ़ी में भाजपा 13 और 14 फरवरी को वहां की सुरम्भ वादियों में खासकर ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए विधायकों और मंत्रियों को भाजपा की रीति-नीति, कार्य- व्यवहार और मूल्यों तथा आदर्शों का पाठ पढ़ा कर संस्कारित करने के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने जा रही है। इस प्रशिक्षण शिविर में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सांसद विष्णु दत्त शर्मा की नई टीम के पदाधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है क्योंकि उनमें भले ही एक अपवाद को छोड़कर बाकी सभी भाजपा के निष्ठावान लोग हों पर नई पीढ़ी को मौका देने के उद्देश्य से उसमें अधिकांश चेहरे नए हैं इसलिए उन्हें भी प्रशिक्षित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण शिविर का एक उद्देश्य शायद यही हो सकता है कि कांग्रेसी संस्कारों में अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाले और अब भाजपाई विधायक और मंत्रियों को साथ बिठा कर उन्हें पार्टी की रीति-नीति समझाई जाए तथा साथ ही संगठन की नई टीम और मंत्री तथा विधायक आपस में मिल बैठ कर एक दूसरे को जानें -पहचनें और भाजपा के संस्कारों और भगवाई रंग में पूरी तरह से रंग जाएं।
विधानसभा का बजट सत्र 22 फरवरी से शुरू होने वाला है उसमें प्रतिपक्ष के आरोपों – प्रत्यारोपों का जमकर जवाब देने और उसकी घेराबंदी करने के गुर सिखाए जाएंगे। इसके लिए पार्टी के सभी विधायकों और नए प्रादेशिक पदाधिकारियों को आमंत्रण पत्र भेज दिए गए हैं। पार्टी के प्रदेश मंत्री राहुल कोठारी ने बताया है कि दो दिन के इस प्रशिक्षण शिविर के लिए आमंत्रित लोगों से कहा गया है कि वह 12 फरवरी की मध्यरात्रि तक अवश्य ही पचमढ़ी पहुंच जाएं। कांग्रेस से भाजपा में आए विधायकों और मंत्रियों को प्रशिक्षित करना इसलिए भी जरूरी प्रतीत होता है क्योंकि संगठनात्मक रूप से भाजपा और कांग्रेस में एक मौलिक अंतर यह है कि भाजपा में संगठन सब कुछ होता है और पार्टी नेता बनाती है जबकि कांग्रेस पिछले कई दशकों से नेताओं की पार्टी बन कर रह गई है। कांग्रेस में पद और अवसर कुछ अपवादों को छोड़कर अक्सर बड़े नेताओं की सिफारिश पर मिलते हैं। यही कारण है कि इसमें गणेश परिक्रमा करने वालों को आगे बढ़ने का शॉर्टकट मिल जाता है। भाजपा में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में जो फिर से भाजपा सरकार बनी है उसमें व्यक्तिगत वफादारी या निजी कारणों से जो विधायक कांग्रेस छोड़कर आए उनकी ही असली भूमिका है और उन्हें इसीलिए पदों पर रखना एवं फिर से टिकट देना पार्टी की मजबूरी थी। जो वायदा किया वह निभाना ही पड़ा। इन नए लोगों को ही वास्तव में भाजपा के रंग में रंगने के लिए यह प्रशिक्षण शिविर हो रहा है ।
यह प्रशिक्षण शिविर सिंधिया समर्थक विधायकों और मंत्रियों के साथ अन्य विधायकों तथा पार्टी पदाधिकारियों के बीच तालमेल अच्छे से हो जाए इस दृष्टि से काफी महत्व रखता है। भाजपा अक्सर कहती रही है कि अब कोई सिंधिया समर्थक नहीं है तथा सभी भाजपा के हैं लेकिन फिर भी अक्सर यह देखने में आया है कि जब सिंधिया भोपाल आते हैं या प्रदेश में कहीं जाते हैं तो उनके समर्थक नेता और मंत्री उसी प्रकार साथ रहते हैं जैसा कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के समय रहा करते थे। भाजपा में अलग से खेमेबंदी ना दिखे इसलिए नए लोगों को उपदेश की घुट्टी पिलाई जाएगी। विधानसभा सत्र में पार्टी के सभी विधायकों और मंत्रियों के सुर एक जैसे निकलें तथा विधायक दल एकजुट रहे इसी उद्देश्य से पचमढ़ी में प्रशिक्षण शिविर हो रहा है। नगरीय निकाय चुनाव और उसके बाद विधानसभा के 2023 में होने वाले चुनाव के लिए भाजपा अभी से कमर कस रही है इसलिए एक तरफा जीत के लिए जरूरी है कि इन्हें भी तत्काल मैदान में सक्रिय होने की नसीहत दी जाए। सोशल मीडिया में सक्रिय रहने का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। सत्ता के दलालों से दूरी बनाए रखने के साथ ही साथ इस बात के भी टिप्स दिए जाएंगे कि विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी को कैसे मजबूत किया जाए। वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में विधायकों को पार्टी के आगामी कार्यक्रम और उसमें उनकी भूमिका क्या हो यह भी समझाया जाएगा। विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों की भूमिका तथा उनका आचार- व्यवहार कैसा को इसको लेकर भी पाठ पढ़ाया जाएगा। सत्र के दौरान कांग्रेस पार्टी द्वारा उठाए जाने वाले समसामयिक और संभावित मुद्दों का प्रभावी और आक्रामक ढंग से उत्तर देने की भी रणनीति तैयार की जाएगी।
*और अंत में…….*
जनवरी माह के अंतिम दो दिनों में प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में विष्णु दत्त शर्मा की नई टीम की बैठक के अवसर पर प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव एवं प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने पार्टी के साइबर योद्धाओं से मुखातिब होते हुए उन्हें निर्देश दिया कि नकारात्मकता फैलाने वाली ताकतों को मुखरता से जवाब दें। देश में कुछ राष्ट्र विरोधी ताकतें सामाजिक ताने- बाने को तोडने का काम कर रही है। ऐसी ताकतों का मुख्य उद्देश्य ही समाज में नकारात्मकता फैलाना है। यह वैचारिक युद्ध किसी पार्टी के लिए नहीं अपितु देश के लिए है। इस वैचारिक युद्ध में साइबर योद्धाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। सामाजिक विद्वेष फैलाने वाली ताकतों को साइबर योद्धा तथ्यों और तर्को के साथ मुखरता से जवाब दें। देश विरोधी ताकतें विशेषकर जनजातीय और पिछड़े अंचल के युवाओं को गुमराह कर रही हैं। यह लड़ाई देश विरोधी ताकतों और राष्ट्रवाद के बीच की है तथा इसमें सोशल मीडिया वॉरियर्स को महत्वपूर्ण भूमिका अदा करना है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा था कि भाजपा का कार्यकर्ता अहंकार से परे, आत्मविश्वास से काम करता है और यही कारण है कि साधारण सा दिखने वाला हमारा कार्यकर्ता असाधारण परिणाम लेकर उपस्थित होता है। इंदौर में संगठन की टीम को जो टिप्स दिए गए थे उन्हीं के इर्द गिर्द पचमढ़ी प्रशिक्षण शिविर के केंद्रित रहने की संभावना है जिससे कि प्रदेश में भाजपा की जड़ें और गहरी होती जाएं।