नक्सल प्रभावित ग्राम जलवाही में सौर ऊर्जा से खुशियों की रोशनी

0 अब किसी भी समय मोबाईल को चार्ज कर सकते हैं ग्रामीण
राजनांदगांव / राजनांदगांव जिले के नक्सल प्रभावित मानपुर विकासखंड के पहाड़ में स्थित सुदूर वनांचल ग्राम जलवाही सौर ऊर्जा के प्रकाश से जगमगा रहा है। एक वक्त था जब बिजली नहीं होने से ग्रामवासियों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा था। पहाड़ में ग्राम स्थित होने के कारण रात में जंगली जीवों का खतरा बना रहता था। रात में बच्चों को पढ़ाई के लिए बिजली की सुविधा प्राप्त नहीं थी।
आधुनिक दैनिक संसाधनों का उपयोग भी ग्रामवासी बिजली की सुविधा नहीं होने कारण नहीं कर पा रहे थे। अब शासन की पहल पर क्रेडा विभाग द्वारा ग्राम में निवासरत 53 परिवारों के यहां सोलर होम लाईट के माध्यम विद्युतीकृत किया गया है। गांव में पेयजल सुविधा हेतु क्रेडा विभाग द्वारा सोलर ड्यूल पंप की स्थापना किया गया है। जिससे ग्रामवासी निर्बाध शुद्ध पेयजल प्राप्त करते हैं। जिसमें प्रत्येक परिवार को 200 वॉट क्षमता का सोलर पैनल बैटरी के साथ पांच नग एलईडी लाईट व 15 वॉट का डीसी पंखा, मोबाईल यूएसबी चार्जर व टीवी शॉकेट नि:शुल्क प्रदाय किया गया है। आज ग्राम में सभी घर सौर ऊर्जा से रोशन हो रहे हैं।
नई रोशनी आ गई है
गांव में 53 आदिवासी परिवार निवासरत हैं। जिनकी आजीविका का प्रमुख साधन धान एवं मक्का की खेती है। साथ ही जंगल से प्राप्त होने वाले वनोपज पर आधारित है। कोविड-19 संक्रमण काल में ग्रामवासियों के यहां सोलर होम लाईट स्थापना कार्य किया गया है। होम लाईट का संचालन एवं संधारण का कार्य क्रेडा विभाग द्वारा किया जाएगा। गांव की ईतवारी बाई ने बताया कि हमारे गांव में बिजली नहीं होने की वजह से समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। रात में हम कोई भी कार्य नहीं कर पाते थे और बच्चे भी रात में नहीं पढ़ पा रहे थे। अब हमारे घर में सौर ऊर्जा से चलने वाले सोलर होम लाईट की स्थापना के बाद दिन एवं रात में बिजली की सुविधा उपलब्ध हो गई है। डीसी पंखे मिलने से अब हमें सुविधा हो रही है और जीवन आसान बना है। लाईट लग जाने से हमारे जीवन में नई रोशनी आ गई है। ग्रामवासियों ने शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस साल 13 अन्य गांवों में भी
इस वित्तीय वर्ष यानी 2020-21 में क्रेडा जिले के ऐसे 13 गांवों में सौर ऊर्जा से रोशनी पहुंचाने वाला है जहां पर विद्युत पोल तक नहीं पहुंच सकी है। गांवों के चिन्हांकन के बाद इसके लिए जमीनी स्तर पर काम कराया जा रहा है। मार्च के पहले इन गांवों में सौर ऊर्जा के माध्यम से घर-घर बिजली पहुंचाने का काम पूरा करा लिया जाएगा।

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