राजधानी की 40 प्रतिशत आबादी को बेहतर बिजली आपूर्ति करने वाला उपकेंद्र हुआ ऊर्जीकृत

– शहर के बीच दलदलसिवनी में 220 केवी का बना नया उपकेंद्र

– घरेलू उपभोक्ताओं के साथ उरला, सिलतरा एवं मेटल पार्क के औद्योगिक क्षेत्रों को भी मिलेगा लाभ

रायपुर। राजधानी रायपुर की 40 फीसदी आबादी को बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए 220 केवी का नया उपकेंद्र आज सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया। लगभग 60 करोड़ रुपए की लागत से दलदलसिवनी में यह बड़ा उपकेंद्र बनाया गया है, जहां से शहर की ढाई लाख से अधिक घरेलू, गैर-घरेलू तथा औद्योगिक मांग को विश्वसनीय और सुदृढ़ तरीके से पूरा किया जा सकेगा। इस बड़ी उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं पावर कंपनीज़ के चेयरमैन श्री सुबोध कुमार सिंह ने अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी है और इसे राजधानी रायपुर की विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर ने इस उपकेंद्र का स्विच ऑन कर ऊर्जीकृत किया। इस उपकेंद्र में 160 एमवीए का एक ट्रांसफार्मर और 63 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत किए गए। इसमें 160 एमवीए का एक और ट्रांसफार्मर दो महीने में और स्थापित कर लिया जाएगा।

राजधानी का यह सब-स्टेशन इसलिए भी बहुत महत्व रखता है क्योंकि कोरबा (मड़वा) से आने वाली बिजली को पहले 400 केवी की लाइनों के जरिये 400 केवी उपकेंद्र तक लाया जाता है। फिर इसे 220 केवी की लाइन व उपकेंद्र से 132 केवी की लाइन व उपकेंद्र पहुंचाया जाता है। इसके बाद डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के 33 केवी और 11 केवी उपकेंद्रों से एलटी लाइनों के जरिये घरेलू उपभोक्ताओं बिजली पहुंचाई जाती है।

उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति हो, इसके लिए शहर में बड़ा उपकेंद्र आवश्यक था। यह लगभग 10 एकड़ क्षेत्र में बना है। राजधानी बनने के बाद शहर के बीच में बड़ा उपकेंद्र बनाने में कई तरह की दिक्कतें थीं, जिसमें रायता से दलदलसिवनी की लाइन के काम में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं स्थानीय निकायों की सामूहिक सहभागिता के साथ दूर किया गया।

इस उपकेंद्र से वर्तमान में 132 केवी की दो लाइनें कचना और उरला में सप्लाई के लिए निकाली गई हैं। साथ ही 33 केवी की आठ फीडर लाइनें भी निकाली जाएंगी। इनमें से सात फीडर रायपुर शहर तथा एक फीडर रायपुर ग्रामीण के लिए होगी। उल्लेखनीय है कि पूर्व में राजधानी की सप्लाई डोमा स्थित 220 केवी उपकेंद्र से होती ही थी, जिसकी दूरी अधिक थी। अब इसमें दलदलसिवनी उपकेंद्र जुडने से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ हुई है।

220 केवी की साढ़े चार किमी नई मल्टीसर्किट लाइन भी इसमें शामिल है, जिससे भविष्य में 132 केवी की दो और लाइन निकाली जा सकेगी, जिसका लाभ सिलतरा, मंदिर हसौद और नवा रायपुर को हो सकेगा।

इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक एमएस चौहान, केएस मनोठिया, संजय पटेल, वीके दीक्षित, मुख्य अभियंता सर्वश्री अब्राहम वर्गीस, प्रसन्ना गोसावी, संजय तिवारी, संजीव सिंह, अनीस लखेरा, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री आरके तिवारी, अधीक्षण अभियंता श्रीमती पुष्पा पिल्लई, सर्वश्री वीए देशमुख, एम विश्वकर्मा, करुणेश यादव, धरमजीत भट्ट, विक्रम मंधान, धनेश देवांगन, कार्यपालन अभियंता सर्वश्री उमाकांत यादव, सुचिंद्र उइके, जितेंद्र झा, प्रदीप साहू, अनिल व्दिवेदी, अखिलेश गजपाल, अभिषेक दीवान, अमृता महाजन, रोहित वर्मा, सहायक अभियंता सर्वश्री सुरेश वर्मा, प्रबोल मित्रा, पीके तिवारी, अरुण एंटोनी, नैनेश गोटे, रामकुमार ठाकुर उपस्थित थे।