
*रक्षाबंधन से पहले खाद्य सुरक्षा पर पूरे प्रदेश में सख्ती*
*दो दिनों में मिठाई, पनीर, घी सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों की सघन जांच; बिना लाइसेंस परिसर सील, खराब खाद्य पदार्थ नष्ट और 21 पेटी बिना लेबल सोनपापड़ी जब्त*
रायपुर/ रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए छत्तीसगढ़ में “बने खाबो, बने रहिबो 2.0” सात दिवसीय विशेष अभियान के तहत विगत दो दिवस मे खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने प्रदेशभर में मिठाई दुकानों, होटल, डेयरी, बेकरी, कन्फेक्शनरी एवं खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच की।
दो दिनों में मिठाई, पनीर, घी, खोवा, लड्डू, पेड़ा, बर्फी, कलाकंद, रसगुल्ला, कन्फेक्शनरी एवं अन्य खाद्य पदार्थों के विधिक एवं निगरानी नमूने संकलित किए गए। नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण हेतु प्रयोगशालाओं में भेजा गया।
अभियान के दौरान दुर्ग के बैकुंठ धाम पावर हाउस स्थित मुस्कान फूड प्रोडक्ट में खाद्य अनुज्ञप्ति/पंजीयन नहीं पाए जाने पर परिसर सील किया गया तथा मैसूर पाक एवं बेसन बर्फी के नमूने लिए गए। दुर्ग में ही 19 अगस्त को इंदिरा मार्केट क्षेत्र में डेयरी एवं मिठाई दुकानों की जांच कर घी का नमूना लिया गया।
बिलासपुर में अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य निर्माण पाए जाने पर श्रीराम स्वीट्स का लाइसेंस निलंबित कर प्रतिष्ठान बंद कराया गया तथा लगभग 15 किलो बर्फी नष्ट कराई गई। वहीं बलौदाबाजार में लगभग 5 किलो अवमानक चिकन उत्पाद तथा 10 किलो खराब बूंदी नष्ट कराई गई। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में बासी होने की आशंका पर लगभग 1 किलो चमचम नष्ट कराया गया।
सरगुजा में बिना आवश्यक लेबल जानकारी वाली 21 पेटी सोनपापड़ी जब्त की गई। कोंडागांव में शंका के आधार पर पनीर एवं मिठाइयों के चार विधिक नमूने, नारायणपुर में सोनपापड़ी एवं नमकीन के नमूने तथा कोरबा के कटघोरा क्षेत्र में दो डेयरियों से पनीर के विधिक नमूने लिए गए।
सूरजपुर में डेयरियों में पनीर का आयोडीन परीक्षण किया गया, जिसमें जांचे गए नमूनों में स्टार्च की उपस्थिति की पुष्टि नहीं हुई। सुकमा में मिठाइयों के स्रोत, एनालॉग पनीर तथा स्किम्ड मिल्क पाउडर एवं वनस्पति तेल से बनी मिठाइयों की जांच की गई, जिसमें संदिग्ध उत्पाद नहीं पाए गए।
रायपुर सहित विभिन्न जिलों के थोक बाजारों से घी, दाल एवं अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। कांकेर, कबीरधाम, बस्तर, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, महासमुंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, धमतरी, बलरामपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई सहित प्रदेश के अन्य जिलों में भी अभियान के तहत व्यापक निरीक्षण एवं नमूना कार्रवाई की गई।
स्वच्छता और मिलावट पर विशेष निगरानी
अभियान के दौरान खाद्य कारोबारियों को अखाद्य/प्रतिबंधित रंगों का उपयोग नहीं करने, अखबारी कागज में खाद्य पदार्थ नहीं परोसने, मिठाइयों पर आवश्यक लेबल एवं निर्माण तिथि अंकित करने, खाद्य पदार्थों को ढककर रखने, स्वच्छ पेयजल एवं साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा खाद्य अनुज्ञप्ति/पंजीयन अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान जहां सुधार की आवश्यकता है वहां कारोबारियों को आवश्यक निर्देश एवं सुधार सूचना दी जा रही है, वहीं गंभीर अनियमितता पाए जाने पर सीलिंग, लाइसेंस निलंबन, जब्ती एवं खाद्य पदार्थ नष्ट कराने जैसी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
विभाग की अपील
विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि रक्षाबंधन पर मिठाई एवं अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय लेबल, निर्माण तिथि, स्वच्छता एवं प्रतिष्ठान की विश्वसनीयता अवश्य जांचें और संदिग्ध या बिना लेबल खाद्य पदार्थों की खरीद से बचें।
