स्वामित्व से संपत्ति का अधिकार, बिहान से आत्मनिर्भरता की राह : कोसरंगी चौपाल में ग्रामीण विकास की दिखी तस्वीर

*स्वामित्व योजना के पट्टे वितरित कर ग्रामीणों को दिया वैधानिक अधिकार, बिहान समूह की महिलाओं से आजीविका गतिविधियों की ली जानकारी*

रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शनिवार को सुशासन तिहार के अंतर्गत आरंग विकासखंड के ग्राम कोसरंगी पहुंचकर ग्रामीण विकास, आर्थिक सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी प्रगति का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने चौपाल कार्यक्रम में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को पट्टे वितरित कर उन्हें वैधानिक अधिकार प्रदान किए, वहीं छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत संचालित आजीविका सेवा केंद्र का निरीक्षण कर महिलाओं की आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामित्व योजना ग्रामीणों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से आबादी भूमि और संपत्ति का आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को अपनी जमीन और मकान पर कानूनी अधिकार प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल पट्टा वितरण नहीं, बल्कि ग्रामीणों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संपत्ति का वैधानिक अधिकार मिलने से ग्रामीणों को बैंक से ऋण लेने में सुविधा होगी तथा प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज सहजता से उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार गांवों में रहने वाले प्रत्येक परिवार को सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और विकास के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत छह हितग्राहियों को पट्टे वितरित किए। पट्टा प्राप्त करने के बाद हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों बाद उन्हें अपनी संपत्ति का वैधानिक अधिकार मिला है, जिससे भविष्य अधिक सुरक्षित हुआ है और योजनाओं का लाभ प्राप्त करना आसान होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इसके बाद ग्राम कोसरंगी में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अंतर्गत संचालित आजीविका सेवा केंद्र का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने बिहान समूह से जुड़ी महिलाओं से आत्मीय संवाद करते हुए केंद्र की गतिविधियों, आय-व्यय तथा रोजगार सृजन से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली।

समूह की अध्यक्ष श्रीमती गीता वर्मा ने मुख्यमंत्री को बताया कि केंद्र में हल्दी-मिर्ची प्रसंस्करण, गेहूं पिसाई, धान बीज क्रय-विक्रय सहित विभिन्न ग्रामीण आजीविका गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे समूहों को नियमित आय प्राप्त हो रही है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बिहान जैसी पहलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बना रही हैं। उन्होंने समूह की महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए आजीविका गतिविधियों को और आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन-प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि सरकार जनता के हित और समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, संभागायुक्त श्री श्याम धावड़े, कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

*मुख्यमंत्री ने पीएम सूर्य घर, सौर सुजला और स्वामित्व योजना का लाभ लेने किया आह्वान*

मुख्यमंत्री ने चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने की अपील की। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का विशेष उल्लेख करते हुए ग्रामीणों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत घरों में सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं, जिससे बिजली बिल में कमी आएगी और अतिरिक्त बिजली बेचकर आय अर्जित करने का अवसर भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सूरज केवल रोशनी नहीं, बल्कि नई संभावनाएं भी लेकर आया है और ग्रामीणों को इस योजना का अधिकाधिक लाभ लेना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने किसानों को सौर सुजला योजना की जानकारी देते हुए सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आधुनिक, किफायती और टिकाऊ सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों को बैंक ऋण प्राप्त करने में सुविधा होगी और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का मकान बनाने की प्रक्रिया भी आसान होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छह हितग्राहियों को स्वामित्व योजना के तहत पट्टे वितरित किए। इनमें रूपचंद साहू, जीवराखन साहू, गोविंदराम साहू, हीरालाल साहू, रघुराम तथा गीताबाई साहू शामिल हैं। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी संपत्ति का वैधानिक अधिकार प्राप्त हुआ है।