पूर्व आबकारी मंत्री लखमा करीब एक साल बाद विधानसभा की कार्यवाही में हुए शामिल, भाजपा विधायकों ने गले लगाकर किया स्वागत 

रायपुर।  रायपुर में सोमवार को शराब घोटाले के आरोपी बनाए गए पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा करीब एक साल जेल में रहने के बाद पहली बार विधानसभा की कार्यवाही में शामिल हुए। सदन पहुंचने पर उन्होंने कांग्रेस और भाजपा विधायकों से मुलाकात की। भाजपा के कुछ विधायकों ने गले लगाकर उनका स्वागत भी किया।

शराब घोटाला मामले में जमानत पर रिहा हुए लखमा को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सत्र में शामिल होने की अनुमति दी है, लेकिन यह अनुमति कई शर्तों के साथ दी गई है। मामला अभी जांच के दायरे में है, इसलिए उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और संवैधानिक प्रावधानों का पालन करना होगा।

विधानसभा सत्र के दौरान कवासी लखमा किसी भी प्रकार का भाषण नहीं दे सकेंगे। वे सार्वजनिक रूप से या अपने मामले से जुड़े किसी मुद्दे पर टिप्पणी भी नहीं कर पाएंगे। उनकी उपस्थिति केवल बजट सत्र तक सीमित रहेगी और वे किसी अन्य कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।

सत्र के दौरान उन्हें अपने आने-जाने की पूरी जानकारी विधानसभा सचिव को देनी होगी। बजट सत्र के दौरान वे अपने निवास क्षेत्र का दौरा भी नहीं कर सकेंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर दी गई अनुमति तत्काल प्रभाव से रद्द की जा सकती है। हालांकि, वे बजट से जुड़े सामान्य विषयों पर चर्चा में भाग ले सकेंगे।

बता दें कि 25 जनवरी 2025 को प्रवर्तन निदेशालय ने शराब घोटाले के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था। लगभग एक वर्ष जेल में रहने के बाद 3 फरवरी को सर्वोच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने पर वे रिहा हुए और अब सशर्त विधानसभा सत्र में शामिल हो रहे हैं।