बेमेतरा/ कोरोना वायरस के चक्कर में लगभग छह महीने से भी ज्यादा समय से खड़ी यात्री बसों के संचालन की हिम्मत अब बस संचालक जुटा नहीं पा रहे हैं। एक दिन पहले जहां छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन मंत्री के साथ हुई बैठक के बाद यात्री बस सेवा शुरू करने पर बस संचालकों द्वारा सहमति बनाए जाने की बात सामने आई थी तथा बुधवार से यात्री बसों का संचालन शुरू करने की बात भी कही गई थी, किंतु आज सुबह से ही यहां एक भी यात्री बसों का संचालन शुरू नहीं हो पाया।इस संबंध में बस संचालकों का अपना मानना है कि लंबे समय से यात्री बसों के नहीं चल पाने के चलते अब बसों में सवारी भी नहीं मिल पाएगी और यदि बसों का संचालन किया जाता है तो निश्चित रूप से यह बस संचालकों के लिए नुकसान का सौदा ही साबित होगा, जिसके चलते आज एक भी बसों का संचालन बेमेतरा जिला मुख्यालय में हो नहीं पाया।शायद टैक्स में रियायत को पर्याप्त नहीं मान रहे संचालक: एक ओर जहां राज्य शासन द्वारा लगातार यह प्रयास किया जा रहा है कि आम लोगों को हो रही परेशानी से निजात दिलाने के लिए यात्री बसों का संचालन सुनिश्चित किया जा सके।इसके लिए बस संचालकों को माह अगस्त-सितंबर की टैक्स में रियायत देने की बात भी कही गई है, किंतु बस संचालक शायद इसे पर्याप्त नहीं मान रहे हैं। हालांकि इस संबंध में गुरुवार की बैठक में अंतिम ने निर्णय लिया जाएगा कि आने वाले दिनों में यात्री बसों का संचालन किया जाए या नहीं किया जाए।
आज की बैठक में लिया जाएगा फैसला,
बस संचालक आनंद राम गोपाल साहू से जब बात की गई तो, उन्होंने बताया कि गुरुवार को राजधानी रायपुर में प्रदेशभर के यात्री बस संचालकों की एक बैठक आहूत की गई है। इसमें प्रदेश संगठन द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।हालांकि यात्री बसों के नहीं चला पाने की वजहों पर गोपाल साहू ने कहा कि लंबे समय से यात्री बसें नहीं चलने से अब बसों में सवार होने वाले यात्रियों की संख्या भी नजर नहीं आ रही है, जिसके चलते बस संचालक यात्री बसों के संचालन की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
