भाजपा-कांग्रेस की ‘सियासी चौपाल’ पर थर्राता है कोरोना

o अरुण पटेल

आज पूरी दुनिया जिस कोरोना महामारी के संक्रमण से घबराई हुई है और मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में प्रतिबंधों के साथ जिंदगी की गाड़ी धीमे-धीमे रफ्तार पर आ रही है । उस कोरोना के संक्रमण का तनिक भी डर वोटों की चाहत में भाजपा और कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों में देखने को नहीं मिल रहा है, मानों हालात कुछ ऐसे हो गए हों कि जिस संक्रमण से हर कोई डरा हुआ है वह कोरोना स्वयं भाजपा और कांग्रेस की सियासी चौपाल से थर्राता है। ग्वालियर-चंबल संभाग में 16 विधानसभा उपचुनाव होना है और वहां राजनीतिक जलसे संक्रमण की गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाते हुए हो रहे हैं। यदि यह कहा जाए की वोटों की जुगाड़ में चिंतित राजनेताओं की गतिविधियां जनता के लिए जोखिम पैदा कर रही हैं तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक पर गाइडलाइन का पालन कराने की जिम्मेदारी है पर वह असहाय नजर आ रहे हैं। 22 अगस्त से प्रारंभ भाजपा के तीन दिवसीय सदस्यता अभियान के मेगा-शो के बाद कांग्रेस ने भी सभा की और इसके पहले 22 अगस्त को ग्वालियर में ज्योतिरादित्य सिंधिया के विरोध में बड़ा प्रदर्शन भी किया जिसमें 2,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया। ग्वालियर शहर में प्रतिदिन औसतन 100 से अधिक नए मरीज मिल रहे हैं वहां यह आयोजन हुआ। ग्वालियर-चंबल संभाग में कोरोना संक्रमण का फैलाव तेज गति से हो रहा है। भाजपा-कांग्रेस के दो दर्जन से अधिक नेता और विधायक पॉजिटिव हो चुके हैं लेकिन उपचुनाव की आहट के चलते और बड़े-बड़े कार्यक्रम होने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता। कांग्रेस का कहना है कि उसने अभी तो झांकी दिखाई है ग्वालियर में एक बहुत बड़ा मेगा- शो करेगी जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ तथा अनेक बड़े नेता भाग लेंगे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद विष्णु दत्त शर्मा, संगठन महामंत्री सुहास भगत, भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, और राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्यों में ओमप्रकाश सकलेचा, तुलसीराम सिलावट, विश्‍वास सारंग, अरविंद भदौरिया, गोपाल भार्गव, प्रभुराम चौधरी और डॉ. मोहन यादव भी कोरोना संक्रमित रह चुके हैं। इसके बावजूद जनसंपर्क में भी जिन मंत्रियों और पूर्व विधायकों को चुनाव लड़ना है लगातार मतदाताओं से संपर्क में है और अधिकांश जगह सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क नजर नहीं आते तथा कहीं-कहीं नजर आते हैं तो वह लटके अधिक रहते हैं। बुधवार को कांग्रेस ने भाजपा के अभियान के बाद सदस्यता अभियान एवं कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया। इसमें भी 3000 से अधिक की भीड़ मौजूद थी। ऐसे आयोजनों के चलते कोरोना के विस्फोट की आशंका से शहरवासी जरूर चिंतित नजर आ रहे हैं। भाजपा की सत्ता है इसलिए उसके भय में प्रशासन से अनुमति मिल रही है तो कांग्रेस धरना-आंदोलन और शिकायत का भय दिखाकर इजाजत ले रही है। ऐसा नहीं है कि केवल ग्वालियर-चंबल संभाग के आयोजन में ऐसा हुआ हो। उज्जैन और इंदौर में ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रमों में उत्साही कार्यकर्ताओं ने गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाई तो वहीं जबलपुर में पूर्व मुख्यमंत्री सांसद दिग्विजय सिंह के स्वागत के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ता भी कोरोना के खौफ से बेखौफ नजर आए। कांग्रेस के आयोजन पर गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने तंज किया कि कांग्रेस के नेता ग्वालियर पॉलीटिकल पर्यटन पर गए थे। यह बात अलग है कि चाहे किसी की नजर में पॉलिटिकल पर्यटन हो या विराट शक्ति प्रदर्शन कोरोना का संक्रमण इसमें भेदभाव नहीं करता है। कमलनाथ इन दिनों फुल फॉर्म में नजर आ रहे हैं जहां एक ओर उन्होंने आज अपने निवास पर कांग्रेस नेताओं की एक बैठक कर 27 सीटों का फीडबैक लिया और रणनीति पर चर्चा की तो वहीं दूसरी ओर भाजपा की घेराबंदी कैसे की जाए इस पर भी बातचीत हुई। इसमें उपचुनाव प्रभारियों ने भी अपना फीडबैक दिया तो कमलनाथ ने नेताओं को मैदानी जिम्मेदारियां भी सौंपी। बैठक में 9 पूर्व मंत्रियों के साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति और वरिष्ठ विधायक लक्ष्मण सिंह शामिल हुए। कमलनाथ ने मीडिया से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि जब-जब प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है किसान परेशान हुआ है और भ्रष्टाचारी, घोटालेबाज, मिलावटखोर और कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद हुए हैं। उन्होंने मांग की है कि सरकार तत्काल आवश्यक कदम उठाते हुए मिलावट रहित यूरिया किसानों को सुलभ कराए अन्यथा कांग्रेस शिवराज सरकार की किसान विरोधी नीतियों के विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन करने को मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा यह बताए कि वह कौन सी चार सीट उपचुनाव में जीतने वाली है। उन्होंने 26 लाख से अधिक किसानों का कर्जा माफ करने का दावा भी किया।
और अंत में….
कांग्रेसियों द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की आंधी चलने का बयान दिए जाने पर कांग्रेसियों पर कटाक्ष करते हुए गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वह सही कहते हैं कमलनाथ की आंधी ऐसी चली कि अपनी ही सरकार को उड़ाकर ले गई। इसका रूप बवंडर का हो गया और यह आंधी झूठ व भ्रष्टाचार की आंधी थी जिसका हश्र सामने है। अभी तक तो कांग्रेस से भाजपा की ओर दलबदल होता था लेकिन आज जबलपुर के भाजपा नेता नसीर खान उर्फ गुड्डू भाई ने आम आदमी पार्टी की सदस्यता उसके प्रदेश संगठन सचिव डॉ मुकेश जयसवाल के हाथों ली।

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