बस्तर में बारिश ने मचाई तबाही, नदी-नाले उफान पर, एक ही परिवार के चार लोग नाले में बहे 

जगदलपुर। प्रदेश के बस्तर संभाग में पिछले दो दिनों से बारिश का सिलसिला जारी है, जिसका असर आम जनजीवन पर भी पड़ा है। बारिश के कारण इंद्रावती सहित कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। इसके कारण बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा का जिला मुख्यालयों से सड़क संपर्क बाधित हुआ है।
बस्तर जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सात स्थानों पर राहत शिविर खोले गए हैं, जहां पीड़ितों को पहुंचाया गया है। राज्य आपदा मोचन बल के जवानों ने पैंसठ लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित निकाला। वहीं, कुछ ग्रामीण छतों पर फंस गए थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी थे। स्थिति गंभीर होने पर जिला प्रशासन ने वायुसेना से तत्काल मदद मांगी। इसके बाद वायुसेना के गरूड़ कमांडों ने बाढ़ में फंसे छह ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला।


कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-तीस पर कुटुमसर से दरभा जाने वाले मार्ग में नाला पार करते समय कार सवार एक ही परिवार के चार लोग नाले के तेज बहाव में बह गए। हमारे बस्तर संवाददाता ने बताया कि नाले में बहे सभी लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं।
सुकमा जिले से हमारे संवाददाता ने बताया कि बीते छत्तीस घंटों से हो रही बारिश के कारण सुकमा और दोरनापाल के बीच कई जगहों पर पानी भर गया है। साथ ही गीदम नाला, झीरम और दरभा पर आवागमन प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन ने भारी बारिश को देखते हुए आम लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।