पं. जे.एन.एम. मेडिकल कॉलेज स्थित एमआरयू में रिसर्च मेथोडोलॉजी वर्कशॉप का आयोजन

*देश के प्रमुख संस्थानों के 45 शोधार्थी शामिल*

रायपुर। पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर के बहु-विषयक अनुसंधान इकाई (MRU), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के सहयोग केंद्र (CCoE), स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR) तथा स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में शोध कार्यप्रणाली (Research Methodology) विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में किया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य संकाय सदस्यों और वैज्ञानिकों को चिकित्सा चुनौतियों से संबंधित अनुसंधान विचारों/परियोजनाओं के बेहतर परिणामों, उनके कार्यान्वयन और बाहरी अनुदानों के लिए उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायता करना है।

इस कार्यशाला का आयोजन स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव के निर्देशानुसार देश की उत्कृष्ट बहु-विषयक अनुसंधान इकाई (एमआरयू) रायपुर में किया जा है।

मार्च 2025 में स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग द्वारा किए गए प्रदर्शन मूल्यांकन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर पं. जे.एन.एम. मेडिकल कॉलेज, रायपुर की अनुसंधान इकाई एमआरयू को इस कार्यशाला के आयोजन का नेतृत्व सौंपा गया। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर स्थित एम.आर.यू. देश की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली इकाइयों में से एक है। यही वजह है कि इस कार्यशाला में 45 समर्पित प्रतिभागियों ने भाग लिया है। इनमें एम्स, देवघर, एमजीएम, जमशेदपुर, आरआईएमएस, रांची और बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर के 15 संकाय/वैज्ञानिकों के साथ-साथ मेजबान संस्थान, पं. जे.एन.एम. मेडिकल कॉलेज, रायपुर के 30 संकाय सदस्य शामिल हैं।

पं. नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर के नए प्रशासनिक भवन में आयोजित उद्घाटन समारोह में चिकित्सा एवं शोध-अनुसंधान से जुड़े कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की और कार्यशाला को लेकर अपनी दृष्टिकोण साझा की। पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ के कुलपति डॉ. पी.के. पात्रा ने रिसर्च और इनोवेशन की संस्कृति को संस्थानों में बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने एम.आर.यू. की टीम को इस उपलब्धि और इस तरह की कार्यशाला के अच्छे आयोजन के लिए बधाई दी।

मेडिकल कॉलेज रायपुर के डीन डॉ. विवेक चौधरी और अम्बेडकर अस्पताल रायपुर के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए इसे चिकित्सा शोधकर्ताओं की अगली पीढ़ी को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

एमआरयू रायपुर की नोडल ऑफिसर डॉ. मंजुला बेक ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि रायपुर के एमआरयू को देश की सर्वश्रेष्ठ इकाइयों में स्थान मिला है और इस सहयोग का नेतृत्व करना सम्मान की बात है। वहीं, आईसीएमआर मुख्यालय नई दिल्ली की वैज्ञानिक-एफ (Scientist-F) डॉ. अपर्णा मुखर्जी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के साथ रिसर्च को जोड़ने के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में एम्स, नई दिल्ली के बायोस्टैटिस्टिक्स के प्रोफेसर डॉ. विश्वंभटला श्रीनिवास, आईएनसीएलएन(INCLEN), नई दिल्ली के निदेशक (परियोजना) डॉ. मनोज दास, आईएनसीएलएन(INCLEN), नई दिल्ली की उप निदेशक डॉ. वैशाली देशमुख, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, डीएचआर की वैज्ञानिक-सी(Scientist-C) डॉ. निशा ठाकुर के नाम प्रमुख हैं।

एम.आर.यू. के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जगन्नाथ पाल और डॉ. योगिता राजपूत के नेतृत्व में एक प्रेरित अनुसंधान टीम, जिसमें आरती कुशवाहा (प्रोजेक्ट वैज्ञानिक-1), राकेश कुमार देवांगन (प्रोजेक्ट वैज्ञानिक-1), पारुल साहू (पीजी छात्रा), फुलसाय पैंकरा (लैब तकनीशियन) शामिल हैं, जिनको कुलपति के द्वारा उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि और ऐसी कार्यशाला के उत्कृष्ट संगठन के लिए बधाई दी गई।

एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर विभाग की प्रोफेसर, डॉ. जया लालवानी (संस्थागत नैतिक समिति की सदस्य सचिव), पैथोलॉजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वर्षा पांडे तथा सामुदायिक चिकित्सा विभाग के डॉ. प्रशांत जायसवाल ने कार्यशाला को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।