छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में काव्य की गूंज, देशभक्ति और संस्कृति से सराबोर हुआ टाउन हॉल

*मीर अली मीर, रामेश्वर वैष्णव, एसडीएम नंदकुमार चौबे व अन्य कवियों ने कविता पाठ से बांधा समां*

*जन-जन के दिलों को छू गई कवियों की आवाज, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने दिया धन्यवाद, किया काव्य पाठ*

रायपुर। छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत रायपुर के टाउन हॉल में बुधवार को एक भव्य और भावनात्मक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देशभक्ति, स्वतंत्रता और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को काव्य के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि “आप सभी ने शब्दों से जो संवेदना रची है, वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।” डॉ. सिंह ने भी एक ओजपूर्ण कविता प्रस्तुत कर श्रोताओं की तालियां बटोरीं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के जाने-माने कवि मीर अली मीर, वरिष्ठ रचनाकार श्री रामेश्वर वैष्णव, चर्चित कवि श्री विजय मिश्रा ‘अमित’, रायपुर एसडीएम श्री नंद कुमार चौबे श्री भरत द्विवेदी, श्री मयंक शर्मा, श्री तुकाराम साहू तरुण, श्री वीरेंद्र शर्मा एवं नव कलमकार :- श्री रिक्की बिदास, श्री हार्कानुद्दीन इराकान्, श्री अनिल राय भारत, श्री आरव शुक्ला, श्री प्रतीक कश्यप, सुश्री भच्या सूर्या, सुश्री सुरभी राजपूत, अली खान रूमानी, सुश्री सुनंदा शर्मा ने अपने प्रभावशाली काव्य पाठ से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

कविता पाठ की पंक्तियों में आज़ादी की लड़ाई की झलक, छत्तीसगढ़ की मिट्टी की खुशबू और जनमानस की आशाएं साफ महसूस की गईं। श्रोताओं ने हर प्रस्तुति पर तालियों की गूंज से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

कार्यक्रम के अंत में कवियों को शॉल तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी, साहित्य प्रेमी, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

रजत जयंती के इस पावन अवसर पर आयोजित कवि सम्मेलन ने न केवल साहित्य प्रेमियों को आनंदित किया, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक गरिमा को भी नए आयाम दिए।