जुर्माना वसूली की जगह शहर में विकास कार्य करवाए निगम : वोरा

दुर्ग। नगर निगम में विकास कार्यों का बुरा हाल है। नगर निगम में अमृत मिशन के तहत सड़कों पर गड्ढा खोदने के बेतरतीब कार्यों को छोड़कर कोई भी विकास कार्य नहीं हो रहा है। पीएम आवास योजना का अधूरा काम अभी भी अधर में लटका है। जलघर कॉम्पलेक्स और गंजमंडी कॉम्पलेक्स का निर्माण हो चुका है लेकिन अभी तक दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया लटकी है। निगम कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन की कार्यप्रणाली से न सिर्फ आम जनता परेशान है बल्कि जनप्रतिनिधियों ने भी नाराजगी जताई है। निगम की मशीनरी का इस्तेमाल सिर्फ नागरिकों और व्यवसाइयों से फाइन व जुर्माना वसूलने में ही व्यस्त है। विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं। बोरसी में बने पीएम आवास में 25 करोड़ की लागत से ढाई सौ आवासों का निर्माण हुआ है। यहां 88 परिवारों को आवासों की चाबी दी गई। पानी बिजली की व्यवस्था करने में नाकाम निगम की नाकामी देखकर यहां रहने आए स्लम बस्ती के लोग वापस अपने कच्चे मकानों में लौट गए हैं। इंदिरा मार्केट में यूनिशेड निर्माण, पुलगांव नाला डायवर्सन, ठगड़ा बांध सौंदर्यीकरण जैसे बड़े कार्यों की राशि मंजूर होने व निविदा हो जाने के बाद भी कार्य प्रारंभ करवाने में निगम अधिकारियों की रुचि नहीं है। नगर निगम ने रेवेन्यू बढ़ाने के लिए कोई काम नहीं किया। नगर निगम के अफसर इंदिरा मार्केट सहित अन्य प्रमुख बाजारों की हालत सुधारने, मल्टी लेवल पार्किंग के कार्य सहित सभी 60 वार्डों में विकास कार्यों की सुध तक नहीं ले रहे हैं। करोड़ों की लागत से बनकर तैयार गंजमंडी कॉम्पलेक्स और जलघर कॉम्पलेक्स का निर्माण होने के बाद दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया लटकी है। आम जनता, दुकानदारों, रेहड़ी और पसरा लगाकर व्यवसाय करने वाले फुटकर व्यवसाइयों पर रोज जुर्माना लगाया जा रहा है। आए दिन पेयजल आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो रही है फिल्टर प्लांट बंद की शिकायतें मिल रही हैं।
विधायक अरुण वोरा ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है।  उन्होंने कहा कि शहर में विकास कार्य के लिए कई बार कहा गया है। शहर के 60 वार्डों में अपेक्षित विकास कार्य न होने की जानकारी नगरीय प्रशासन मंत्री को दी गई है आने वाले पखवाड़े भर में अगर सुधार नजऱ नहीं आया तो मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा। अमृत मिशन के तहत बिना प्लानिंग के पूरे शहर की सड़कों पर गड्ढे खोद दिए गए हैं। मिशन का काम कर रही एजेंसी पर नगर निगम का प्रशासनिक नियंत्रण नहीं रह गया है। शहर के ठप पड़े विकास कार्यों के बारे में नगरीय प्रशासन विभाग की सेक्रेटरी को भी अवगत कराया जाएगा। वोरा ने कलेक्टर से कहा है कि वे दुर्ग शहर में विकास कार्यों की समीक्षा करें और प्रशासनिक अमले से बेहतर कार्य कराएं।

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