

जगदलपुर। प्रदेश में लोकसभा चुनाव के पहले चरण के तहत बस्तर संसदीय क्षेत्र में आज छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। इसके साथ ही इस सीट से कांग्रेस के कवासी लखमा और भाजपा के महेश कश्यप सहित ग्यारह उम्मीदवारों का भाग्य आज ईवीएम में कैद हो गया है। समाचार लिखे जाने तक मिली जानकारी के अनुसार बस्तर क्षेत्र में 63 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। यह अनंतिम आंकड़े हैं, अंतिम आंकड़ा आना अभी बाकी है।
बस्तर विधानसभा में लगभग तिहत्तर, बीजापुर में करीब बयालीस, चित्रकोट में तिहत्तर, दंतेवाड़ा में सड़सठ, जगदलपुर में पैंसठ, कोंडागांव में बहत्तर, कोंटा में इंक्यावन और नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में बासठ प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
बस्तर संसदीय क्षेत्र में इस बार एक हजार नौ सौ इकसठ मतदान केन्द्र बनाए गए थे। इनमें से इकसठ को संवेदनशील और एक सौ छियानवे मतदान केन्द्रों को अति-संवेदनशील घोषित किया गया था।
बस्तर लोकसभा क्षेत्र के आठ सौ ग्यारह मतदान केन्द्रों पर वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में स्थापित कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से बस्तर में आज हुए मतदान प्रक्रिया पर नजर रखी गई।
बस्तर संसदीय क्षेत्र के कोण्डागांव, नारायणपुर, चित्रकोट, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंटा विधानसभा क्षेत्रों में सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक मतदान हुआ। वहीं, बस्तर विधानसभा क्षेत्र में सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक वोट डाले गए। इसी तरह, जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के एक सौ पचहत्तर मतदान केन्द्रों में भी सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक वोट डाले गए, जबकि बहत्तर मतदान केन्द्रों में सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक मतदान हुआ। सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
बस्तर संसदीय क्षेत्र में मतदान को लेकर आज लोगों में खासा उत्साह देखा गया। सुबह से ही पोलिंग बूथों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखी गई। युवा, महिला और बुजुर्ग मतदाताओं ने गर्मी की परवाह किए बिना वोट डालने मतदान केन्द्र पहुंचे।
इस सीट से कांग्रेस उम्मीदवार कवासी लखमा ने कोंटा विधानसभा क्षेत्र के नागारास मतदान केन्द्र पहुंचकर अपना वोट डाला। वहीं, भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप ने जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के कलचा गांव में मतदान किया। इसके अलावा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव ने जगदलपुर के शांति नगर वार्ड में और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कोंटा विधानसभा क्षेत्र में वोट डाला। इसी तरह, कोंडागांव से भाजपा विधायक लता उसेंडी, कांग्रेस के पूर्व विधायक मोहन मरकाम और जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
इसके अलावा कोंडागांव जिले में स्काउट-गाइड के बालक-बालिकाओं ने जरूरतमंद बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केन्द्रों तक ले जाने में उनकी मदद भी की। वहीं, नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के गुरिया मतदान केन्द्र में शादी के तुरंत बाद दूल्हा-दुल्हन वोट डालने पहुंचे। मतदान करने के बाद उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेना सभी का कर्तव्य है। इसलिए उन्होंने शादी के तुरंत बाद मतदान केन्द्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
गौरतलब है कि बस्तर लोकसभा सीट क्षेत्र में कुल चौदह लाख बहत्तर हजार दो सौ सात मतदाता हैं। इनमें करीब सात लाख इकहत्तर हजार महिला और लगभग सात लाख पुरूष मतदाता शामिल हैं। वहीं, तृतीय लिंग के बावन मतदाता हैं।
इस बीच, बस्तर क्षेत्र में चुनाव संपन्न होने के बाद मतदान दलों की वापसी भी शुरू हो गई है। सबसे पहले कोंडागांव जिले के बेचा और कड़ेनार मतदान केन्द्र के अधिकारियों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से रवाना किया।
बस्तर विधानसभा में लगभग तिहत्तर, बीजापुर में करीब बयालीस, चित्रकोट में तिहत्तर, दंतेवाड़ा में सड़सठ, जगदलपुर में पैंसठ, कोंडागांव में बहत्तर, कोंटा में इंक्यावन और नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में बासठ प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
बस्तर संसदीय क्षेत्र में इस बार एक हजार नौ सौ इकसठ मतदान केन्द्र बनाए गए थे। इनमें से इकसठ को संवेदनशील और एक सौ छियानवे मतदान केन्द्रों को अति-संवेदनशील घोषित किया गया था।
बस्तर लोकसभा क्षेत्र के आठ सौ ग्यारह मतदान केन्द्रों पर वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में स्थापित कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से बस्तर में आज हुए मतदान प्रक्रिया पर नजर रखी गई।
बस्तर संसदीय क्षेत्र के कोण्डागांव, नारायणपुर, चित्रकोट, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंटा विधानसभा क्षेत्रों में सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक मतदान हुआ। वहीं, बस्तर विधानसभा क्षेत्र में सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक वोट डाले गए। इसी तरह, जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के एक सौ पचहत्तर मतदान केन्द्रों में भी सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक वोट डाले गए, जबकि बहत्तर मतदान केन्द्रों में सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक मतदान हुआ। सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
बस्तर संसदीय क्षेत्र में मतदान को लेकर आज लोगों में खासा उत्साह देखा गया। सुबह से ही पोलिंग बूथों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखी गई। युवा, महिला और बुजुर्ग मतदाताओं ने गर्मी की परवाह किए बिना वोट डालने मतदान केन्द्र पहुंचे।
इस सीट से कांग्रेस उम्मीदवार कवासी लखमा ने कोंटा विधानसभा क्षेत्र के नागारास मतदान केन्द्र पहुंचकर अपना वोट डाला। वहीं, भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप ने जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के कलचा गांव में मतदान किया। इसके अलावा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव ने जगदलपुर के शांति नगर वार्ड में और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कोंटा विधानसभा क्षेत्र में वोट डाला। इसी तरह, कोंडागांव से भाजपा विधायक लता उसेंडी, कांग्रेस के पूर्व विधायक मोहन मरकाम और जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
इसके अलावा कोंडागांव जिले में स्काउट-गाइड के बालक-बालिकाओं ने जरूरतमंद बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केन्द्रों तक ले जाने में उनकी मदद भी की। वहीं, नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के गुरिया मतदान केन्द्र में शादी के तुरंत बाद दूल्हा-दुल्हन वोट डालने पहुंचे। मतदान करने के बाद उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेना सभी का कर्तव्य है। इसलिए उन्होंने शादी के तुरंत बाद मतदान केन्द्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
गौरतलब है कि बस्तर लोकसभा सीट क्षेत्र में कुल चौदह लाख बहत्तर हजार दो सौ सात मतदाता हैं। इनमें करीब सात लाख इकहत्तर हजार महिला और लगभग सात लाख पुरूष मतदाता शामिल हैं। वहीं, तृतीय लिंग के बावन मतदाता हैं।
इस बीच, बस्तर क्षेत्र में चुनाव संपन्न होने के बाद मतदान दलों की वापसी भी शुरू हो गई है। सबसे पहले कोंडागांव जिले के बेचा और कड़ेनार मतदान केन्द्र के अधिकारियों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से रवाना किया।
