रामानुज प्रताप सिंह देव स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संस्कृत सप्ताह दिवस मनाया गया

0 मृत्युंजय चतुर्वेदी द्वारा

मनेंद्रगढ़ ।विश्व का प्रथम ग्रंथ ऋग्वेद नित्यानंद संस्कृत सप्ताह दिवस का हुआ आयोजन शासकीय रामानुज प्रताप सिंह देव स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आज संस्कृत सप्ताह दिवस मनाया गया । कार्यक्रम में संस्कृत भाषा के विषय में विस्तृत रूप से चर्चा की गई। दुनिया भर में सिर्फ संस्कृत ही ऐसी भाषा है जो पूरी तरह से शुद्ध है कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के लिए भी संस्कृत भाषा को ही सबसे उपयुक्त माना गया है। संस्कृत का प्रथम ग्रंथ ऋग्वेद को ही माना गया है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलबहरा के संस्कृत व्याख्याता नित्यानंद द्विवेदी ने बताया कि पतंजलि के अनुसार ऋग्वेद की 21 शाखाएं हैं। संस्कृत विश्व की सबसे पुरानी पुस्तक वेद की भाषा है। इसलिए विश्व की प्रथम भाषा मानने में कहीं किसी संशय की संभावना नहीं है। व्याख्याता जितेंद्र मिश्र ने बताया कि संस्कृत भाषा की स्पष्ट व्याकरण और वर्णमाला की वैज्ञानिकता के कारण सर्वश्रेष्ठता भी स्वयं सिद्ध हो जाती है। इसके अध्ययन से ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में प्रगति को बढ़ावा मिलेगा। संस्कृत सप्ताह दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का संचालन कर रहे प्रोफेसर डॉ बृजेश पांडे ने कहा कि वाल्मीकि के क्रोध और दुख से निकला हुआ संस्कृत का पहला श्लोक माना गया है। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य अखिलेश गुप्ता, प्राध्यापक डॉक्टर अरविंद पांडे, डॉक्टर विनय शुक्ला सहित महाविद्यालय के समस्त कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।  संस्कृत  के विद्वानजनों का श्रीफल एवं शाल देकर स्वागत किया गया।