छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने झोंकी ताकत

0 बदलनी पड़ी रणनीति, केंद्रीय नेताओं का हो रहा है लगातार दौरा  
0 संतोष अग्रवाल
भाटापारा। छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने की कवायद में जुटी भारतीय जनता पार्टी अभी से अपने बड़े नेताओं को छत्तीसगढ़ का दौरा कराकर पूरी ताकत झोंकनी शुरू कर दी है। यद्यपि विधानसभा चुनाव को अभी 4 से 5 माह की देरी है, परंतु भाजपा अब कोई रिस्क नहीं उठाना चाहती। लगातार बड़े नेताओं का दौरा छत्तीसगढ़ में हो रहा है। इस सबके बावजूद बड़ा सवाल यही है कि क्या विधानसभा चुनाव में भाजपा अपनी वापसी करा पाएगी?  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को राजधानी रायपुर में एक आमसभा को संबोधित किया और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। एक तरह से उन्होंने छत्तीसगढ़ में चुनावी शंखनाद कर कार्यकर्ताओं को रिचार्ज किया। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी में चाणक्य माने जाने वाले और देश के गृह मंत्री अमित शाह का दुर्ग संभाग में दौरा हुआ। साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का बिलासपुर संभाग और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बस्तर संभाग के कांकेर में दौरा हुआ। इसके अलावा और भी कई केंद्रीय नेताओं और मंत्रियों का दौरा छत्तीसगढ़ में हो चुका है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी को अब अपनी रणनीति बदलनी पड़ रही है। माना जा रहा है कि पहले उन्हें उपमुख्यमंत्री टी एस बाबा को लेकर भारी उम्मीदें थी परंतु अब टीएस बाबा की स्थिति भी एकदम क्लियर हो चुकी है। अब वे कहीं जाने वाले नहीं हैं, कांग्रेस में ही रहेंगे और कांग्रेस के लिए ही कार्य करेंगे। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी को अपनी पूरी रणनीति में बदलाव करना पड़ रहा है। उसी का परिणाम है कि भाजपा को केंद्रीय नेताओं को छत्तीसगढ़ का दौरा करना पड़ रहा है। वैसे भी पार्टी यहां नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश अध्यक्ष पद पर नई नियुक्ति कर चुकी है । राजनीतिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व छत्तीसगढ़ पर विशेष फोकस कर रहा है। वह चाहता है कि हर हाल में छत्तीसगढ़ में 2023 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत हो और भारतीय जनता पार्टी की सरकार बने। केंद्रीय नेतृत्व अपने स्तर पर छत्तीसगढ़ से विभिन्न स्रोतों से जानकारी एकत्र करने में लगा हुआ है। टिकट को लेकर भी पार्टी के अंदर मंथन चल रहा है। संभव है कि पार्टी टिकट को लेकर भी कोई नीतिगत फैसला ले।