भाटापारा। अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य एवं कांग्रेसी नेता गणेश सिंह ध्रुव ने केंद्र के मोदी सरकार के द्वारा 2000 के नोट बंद करने के फैसले को तुगलकी फरमान बताया है और कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जिद्द के आगे भाजपा नेताओं के भी नहीं चलती है और देश को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। गणेश सिंह ध्रुव ने आगे कहा कि 2000 के नोट को पहले छापना अपनों से बंद करना दोनों ही गलत निर्णय है केंद्र की मोदी सरकार हर मामले में मनमानी कर रही है जिससे देश को और देश के नागरिकों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गणेश सिंह ध्रुव ने आगे कहा है कि 2016 में जब नोटबंदी की गई थी तब 2000 का नोट छाप ना ही गलत निर्णय था । यह आश्चर्य की बात थी कि 500 और 1000 का नोट बंद करके उससे भी बड़ा नोट अर्थात 2000 का नोट बाजार में उपलब्ध कराना कहां की बुद्धिमानी थी अब सरकार फिर से देश के लोगों को नोटबंदी करके लोगों को लाइन लगने के लिए मजबूर कर रही है मात्र 7 वर्ष के अंतराल में 2000 के नोटों को बंद करना देश को करोड़ों रुपए के नुकसान में धकेलना है। 2000 का नोट बंद करने से देश को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है नोट की छपाई में सैकड़ों को रुपए का नुकसान देश को उठाना पड़ गया है।
