पृथक भाटापारा जिले की मांग को लेकर सर्व समाज की सैकड़ों महिलाओं ने किया जय स्तंभ चौक में प्रदर्शन

 

भाटापारा। हाथों में तख्तियां और सिर पर भाटापारा जिला बनाओ की टोपियां पहनी इन महिलाओं ने भारत माता की मूर्ति के आगे प्रदर्शन किया। भूपेश सरकार को उनका किया हुआ वादा याद दिलाते हुए सभी ने एक स्वर से भाटापारा को स्वतंत्र जिला घोषित करने की मांग की।

कब पूरा होगा शहीद नंदकुमार पटेल का सपना-

भाटापारा प्रवास के दौरान तात्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल ने वादा किया था कि कांग्रेस की सरकार आने पर भाटापारा 28 वाँ जिला होगा। इस बात का उल्लेख करते हुए महिलाओं ने कहा कि शहीद नंदकुमार पटेल का सपना आखिरकार कब पूरा होगा ?

महिला सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री के महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए महिलाओं ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस जैसे छोटे से छोटे काम के लिए भी महिलाओं को बलौदाबाजार जाना पड़ता है। जिससे महिलाओं को शारीरिक और आर्थिक दोनों तरह की तकलीफे झेलनी पड़ती है। यदि जिला बन जाता है तो महिलाओं को इन समस्याओं से मुक्ति मिलेगी।

पृथक जिले का निर्माण दाऊ कल्याण सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि होगी :-

प्रदर्शन में नारी शक्तियों ने विशेष रुप से दानवीर दाऊ कल्याण सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी जन्म स्थली एवं कर्मस्थली भाटापारा एक अदद जिले के लिए पिछले 42 साल से तरस रहा है । स्वतंत्र भाटापारा जिला बनाकर ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि की जा सकती है।

विकास की राह में पिछड़ा भाटापारा – 

घर की चारदीवारी लांघ कर प्रदर्शन में शामिल हुई नारी शक्तियों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि जिला नहीं बनने से भाटापारा विकास की राह में 20 साल पीछे हो गया है। शहर में महिलाओं को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वह उपलब्ध नहीं है। इन सबके लिए उनको बलौदाबाजार या अन्य बड़े शहरों का मुंह ताकना पड़ता है। स्वतंत्र जिला बन जाने से अंचल की महिलाओं को इसका भरपूर लाभ मिलेगा।

हमें सिर्फ जिला चाहिए 

हमें सिर्फ जिला चाहिए, नहीं चाहिए और कुछ। मुख्यमंत्री आने के पूर्व अफवाहों का दौर शुरू हो जाता है। सुनने में आ रहा है कि भाटापारा को नगरनिगम का दर्जा मिल सकता है, लेकिन क्यों? स्थानीय नेता जिले के मुद्दे को मुख्यमंत्री के पास नहीं रखते। आने वाले समय में इसका जवाब पार्टी के नेताओं को देना होगा।