भेंट-मुलाकात में मुख्यमंत्री ने शराबबंदी पर कहा- मुझे राजस्व की नहीं, आप लोगों की चिंता

दुर्ग। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शराबबंदी को लेकर बड़ा बयान दिया है। सीएम बघेल ने दुर्ग में भेंट-मुलाकात के दौरान कहा कि मुझे राजस्व की चिंता नहीं है। आप लोगों की चिंता ज्यादा है। लोग यहां पर कसम खाएं कि वह शराब छोड़ देंगे। गुड़ाखू नहीं करेंगे। मैं एक आदेश पर शराबबंदी कर देता हूं। उन्होंने कहा कि मेरे लिए मेरी जनता पहले हैं। उनकी जान की कीमत मेरे लिए ज्यादा है। दरअसल, दुर्ग में भेंट मुलाकात के दौरान एक महिला ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से प्रदेश में शराबबंदी किए जाने की मांग की। महिला ने कहा, शराब सेवन से कई परिवार परेशानी में हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब ही नहीं संपूर्ण नशा बंदी की बात होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरे एक आदेश पर प्रदेश में शराबबंदी हो जाएगी, लेकिन लाकडाउन के दौरान हमने देखा है जब पूरा देश बंद था तो भी अवैध शराब की बिक्री हो रही थी, क्योंकि लोग इसका सेवन कर रहे थे। उन्होंने कहा, लाकडाउन में शराब नहीं मिलने पर रायपुर में सैनिटाइजर का सेवन से तीन लोगों को मौत हो गई थी। बिलासपुर में भी एक दवा का सेवन से लोगों को मौत हुई थी.उन्होंने कहा, जनता के जान से बढ़कर कोई चीज नहीं है, लेकिन लोग भरोसा दिलाएं कि शराब सेवन नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, शराब ही नहीं संपूर्ण नशाबंदी की बात होनी चाहिए। उन्होंने कहा, लाकडाउन में शराब ही नहीं लोगों ने गुड़ाखू भी ऊंची कीमत पर खरीद कर उसका सेवन किया। नशाबंदी के लिए सामाजिक जागरूकता की जरूरत है। भेंट-मुलाकात के दौरान एक महिला ने मुख्यमंत्री से कहा कि कका गैस सिलिंडर की कीमत कम करवा दो। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी कीमत केंद्र में बैठी सरकार तय करती है, राज्य सरकार नहीं।
उन्होंने कहा कि पहले सिलिंडर के दाम बढ़ते थे तो स्मृति ईरानी और सरोज पांडेय धरना पर बैठ जाते थे। मुख्यमंत्री ने उक्त महिला से कहा कि दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल आएंगे तो उनसे कहना कि गैस सिलिंडर के दाम कम करवा दें।