* जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने किया बहिर्गमन
* दोनों के बीच किसी को अध्यक्ष ने नहीं दी चर्चा करने की अनुमति
रायपुर/ आज सदन में प्रश्नकाल में पूर्व व वर्तमान मुख्यमंत्री के बीच प्रश्नों व जवाबों की झड़ी लग गई। दोनों एसईसीएल के क्षेत्र में कोयला परिवहन दर में फर्क के मामले में आमने सामने हुए। रमनसिंह ने आरोप लगाया कि मिली चार निविदा में दो किस आधार पर निरस्त किया गया। दरों में दोगुना ज्यादा दिया जा रहा है। बड़ा नुकसान प्रदेश को हो रहा है। एसईसीएल द्वारा अनुमोदित दरों को लागू करें तो काफी पैसा बचेगा। यह बड़ा घोटाला है। प्रति टन 210 ज्यादा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आपके कार्यकाल में ही ये नियम बने हैं, जिसके तहत ही कार्य हुआ है। खदानों के भीतर व बाहर अलग अलग रेट होते हैं। रमनसिंह ने इसे बडा घोटाला बताते हुए , इसमें सदन की समिति से जांच करने व टेंडर निरस्त करने की माँग की। बघेल ने इससे इनकार करते हुए कहा कि इसकी कोई जरूरत नहीं है। हम आपके बनाए नियमों के आधार पर ही काम कर रहे हैं।
रमनसिंह ने पुनः अपनी मांग को दोहराया और निरस्त करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने मंडवा प्रोजेक्ट लगाया। आपने टेंडर की शर्तें बनाई। क्या आपको तब इस बात का ज्ञान नहीं था क्या ? रमनसिंह ने आरोप लगाया कि 2 निविदा को अपात्र कर एडजस्ट करके 212 रु.ज्यादा दिया गया है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इनका केमिकल लोचा है। हम तो बता रहे हैं कि 8 रु. व 11 रु. टन में परिवहन कर रहे हैं। ये 211 रु.कहाँ से आ गया ? 8 टेंडर फॉर्म लिए गए,4 ने टेंडर भरे 2 अपात्र पाए गए। रमनसिंह ने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि जांच विधायकों की समिति द्वारा करवा लेवें भविष्य के लिए अच्छा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके कार्यकाल में इसी बात पर आपके सामने गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था। जांच की जरूरत नहीं समझी गई थी ,अब भी जरूरत नहीं है। रमनसिंह ने खुली चुनौती देते हुए कि आप परिवहन दर पर तुलना कर लें। मुख्यमंत्री ने कहा आपकी बनाई शर्तों के नियम को हम झेल रहे हैं। जांच की हम कोई जरूरत नहीं समझते हैं। विपक्षी भाजपा सदस्यों ने हल्ला गुल्ला कर नारे लगाते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया।
केमिकल लोचा
सदन में अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री से पूछा ये केमिकल लोचा क्या है ? तब मुस्कुराते हुए कहा कि इन्होंने आवास के मामले मेंकहा कि 16 लाख आवास में हमने 8 लाख बना चुके। अब भी आरोप हम पर लगा रहे हैं कि 16 लाख आवास हमने नहीं बनाए। 8 घटा नहीं रहे हैं। ये है केमिकल लोचा।
घरघोड़ा सड़क की दुर्दशा
इस चर्चा में घरघोड़ा रायगढ़ सड़क की हालत पर भी बात हुई। मुख्यमंत्री ने कहा सब देख रहे हैं कि वहां सड़को की हालत क्या है ये कह रहे हैं सड़क अच्छी हैं। अगर अच्छी है तो ये लोग उस पर पैदल मार्च क्यों कर रहे हैं। हम उस सड़क को हर संभव रिपेयर करने का प्रयास कर रहे हैं। ये केंद्र सरकार से कहें ना कि कोयला का परिवहन होता है केंद्र अपने अधीन कर ले और उस सड़क को बनवाएं।
