ईडी के छापे पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- कांग्रेस अंग्रेजों से नहीं डरी तो इनसे क्या डरेगी

*   यह विपक्ष की आवाज दबाने केंद्र की दमनकारी नीति:कु.शैलजा
          
रायपुर / छतीसगढ़ में कांग्रेस के प्रमुख नेताओं व विधायकों पर आज अलसुबह प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा डाले गए छापों पर राजीव भवन में प्रदेश प्रभारी महासचिव कु.शैलजा,मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने संयुक्त प्रेस वार्ता में केंद्रीय सरकार द्वारा कांग्रेस के महाधिवेशन में बाधा पहुंचाने का प्रयास बताया। मुख्यमंत्री बघेल ने साफ कहा कि मैंने पहले ही कहा था अगले चुनाव भाजपा खुद नहीं ईडी के माध्यम से  लड़ेगी। यह आज के छापे से साबित हो गया है। भाजपा दरअसल कांग्रेस के वर्तमान महाधिवेशन व राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से भाजपा के केंद्र सरकार बुरी तरह घबराई हुई है। वह हमको डराना चाहती है,लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। कांग्रेस अंग्रेजों से नहीं डरी, तो इनसे क्या डरेगी ? हमारा महाधिवेशन पूरे उत्साह के साथ सफलता से सम्पन्न होगा। कांग्रेसजन पार्टी पर हुए इस हमले को समझ रहे हैं। एकजुट होकर हम सब अधिवेशन को सफल बनाएंगें।
 मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार देश से लोकतंत्र समाप्त करना चाहती है। उसकी यह मंशा हम पूरी नहीं होने देंगे। देश की जनता सब कुछ ध्यान से देख रही है। समय पर इसका जवाब भी देगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जब जब कोई बड़ा कदम उठाती है , तो छतीसगढ़ में आयकर का छापा डाल दिया जाता है ,डराने का प्रयास किया जाता है। हम झारखंड में प्रचार करने गए तो छापा, असम गए तो,यूपी गए तो, हिमांचल प्रदेश गए तो यहां छापा डाला गया। हम तो नहीं डरे लेकिन ये लोग डरे हुए लोग हैं। सदन से सड़क तक विपक्ष को बोलने नहीं देना चाहते। संसद में भी हमारे नेताओं की बातें कार्यवाही से हटा देते हैं। ये डरे हुए हैं ,अडानी पर सदन में जवाब ना दे कर , इन्होंने साबित कर दिया कि अडानी भाजपा सरकार पर किस कदर हावी है। पूरे देश की निगाहें रायपुर में हो रहे महाधिवेशन की ओर हैं। इसमें सभी वर्गों की बात होगी,प्रस्ताव पारित होंगें ,राजनैतिक व आर्थिक मुद्दों पर फैसले किये जायेंगे। उसी की सफलता की घबराहट में भाजपा यह निम्न स्तर के हथकंडे अपना रही है। इस बात की जितनी भी निंदा की जाए कम है। हम कहना चाहते हैं कि हमारा मनोबल ये इस तरीके से नहीं तोड़ सकते। कितनी भी कोशिश कर लें , हम सफलता पूर्वक  सभी कार्यकर्ताओं की एकता के साथ महाधिवेशन को सफल करवाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 6000 करोड़ के चिटफण्ड घोटाले के लिए मैने संबधित केंद्रीय मंत्री व विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखा कि इसकी जांच हो। सीएम मैडम कौन है यह तक पता नहीं लगा पाए। मुंद्रा पोर्ट की पकड़ हो ,या अडानी की जांच,चाहे पीएम मोदी व अडानी के रिश्तों के बीच उनकी यात्राएं हों,ये जांच नहीं कर रहे।  यानी साफ है कि जिनकी जांच होनी चाहिए उनकी नहीं हो रही है। हम प्रदेश के जिस मामले की जांच करना चाहते हैं , उस पर रोक लगाने भाजपा नेता पीआईएल लगा कर रोक रहे हैं। एनआईए से फ़ाइल नहीं दिलाते। कारण क्या है ? जनता भी गंभीरता से सोच रही है। मुख्यमंत्री ने अपने आरोपों को साबित करने बताया कि ईडी की प्रेस नोट जो जारी होती है उससे पहले डॉ.रमनसिंह हूबहू प्रेस नोट जारी करते हैं,मानों ईडी के वे प्रवक्ता हों। जब जब ईडी छतीसगढ़ में आती है तो रमन सिंह उसके प्रवक्ता के रूप में बात करने लगते हैं, आखिर क्यों ?
मुख्यमंत्री ने एक बात उठाई कि ईडी की सफलता के आंकड़े देख कर ही उनकी कार्यवाहियों का मतलब सबको समझ में आ जाता है। अब तक लगभग 5000 छापों में सिर्फ 33 को ही ईडी प्रमाणित कर पाई है। लोकतंत्र में आपसी विचार रखने जनहित में वादविवाद लोकतंत्र की खूबसूरती मानी जाती है। ये तो विरोध करने वालों को दुश्मन मान लेते हैं।  बदला चुकाने पर उतारू हो जाते हैं। दरअसल ये प्रजातंत्र को खत्म करना चाहते हैं। लोकतंत्र व संसद पर इनको कोई भरोसा नहीं है।
लगभग इन्हीं बातों को अपने लहजे में कु. शैलजा व मोहन मरकाम ने पत्रकारों को बताया। मुख्यमंत्री ने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि मोदी ने हमारे काम की प्रशंसा की वो तो हम काम कर रहे हैं तो करनी ही चाहिए। लेकिन इन छापों ने साबित किया है कि जिसकी जो मूल प्रवृति होती है, वह बदल नहीं सकती। इस पत्रवार्ता  में शिव डहरिया,मो.अकबर व टीएस सिंहदेव के अलावा सभी मंत्री, मीडिया प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला,राजेन्द्र तिवारी व अन्य प्रवक्तागण भी मौजूद थे।