भाटापारा। साल २०२२ की विदाई बेला और नूतन वर्ष के स्वागत अवसर पर मोहन यश फाउंडेशन छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित माई स्कूल्स वर्ल्ड में वार्षिकोत्सव *बुनियाद* धूम धाम के साथ मनाया गया | कार्यक्रम की शुरुवात मां सरस्वती की पूजा अर्चना और आमंत्रित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ की गई तत्पश्चात राष्ट्र गान एवम राजकीय गीत की सुमधुर प्रस्तुति बच्चों द्वारा दी गई | इस सालाना जश्न के मौके पर नन्हे मुन्ने बच्चों ने कविता पाठ के साथ साथ कई लोकप्रिय गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों सहित दर्शकों का दिल जीत लिया जिसका विशेष आकर्षण ये रहा कि बच्चों की दिलकश प्रस्तुति से उत्साहित होकर अपने बचपन को याद करते हुए अभिभावक और स्कूल स्टाफ भी थिरकने से अपने आप को नही रोक सका और नाचते गाते हुए रंगारंग सांस्कृतिक समारोह में चार चांद लगाते हुए यादगार बना दिया |
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्राचार्य श्रीमती धनेश्वरी शर्मा ने अपने सारगर्भित उदबोधन में बुनियाद की सफलता के लिए स्कूल परिवार को बधाई देते हुए कहा कि गांधी जी की परिकल्पना बुनियादी शिक्षा को केंद्र में रखते हुए संचालित ये संस्थान नवांकुरों में अच्छे संस्कार के बीज रोपित कर रहा है जिसे भविष्य में संवारने और निखारने में अपना पूरा सहयोग प्रदान करने का वादा किया | विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद सेवानिवृत्त अधिकारी श्री ललित चंद्राकर ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए बच्चों को पुरातन संस्कृति एवं सभ्यता से जोड़ते हुए आगे बढ़ाने के लिए संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों को मुक्त कंठ से सराहा और समय समय पर मार्गदर्शन करने का वादा किया | पालकों के प्रतिनिधि की हैसियत से संबोधित करते हुए श्री सावन पटेल ने विद्यालय में बच्चों को जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रदान किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दी |
इस यादगार कार्यक्रम के मध्य अतिथियों को फाउंडेशन की रिसोर्स पर्सन शिक्षाविद और साहित्यकार डॉ योगिता बाजपेई द्वारा रचित खंड काव्य *माधव मंथन* की प्रति और श्रीफल फाउंडेशन के अध्यक्ष मनीष बाजपेई और सेंटर हेड लोकेश्वरी साहू एवम सहयोगी सीमा डांडेकर ,सरिता लहरी ,वर्षा ठाकुर द्वारा भेंट किया गया और केक काटा गया |संस्था की ओर से आभार प्रदर्शन नेहा चतुर्वेदी ने किया |
संपूर्ण आयोजन को सफलता के मुकाम तक पहुंचाने में वंदना पटेल ,किरण पाटकर , उत्तरा वर्मा ,सुनीता गुप्ता , रमा साहू , सुमन साहू ,ज्योति साहू ,सिमरन डांडेकर ,हेमा साहू ,गीता साहू ,काशी राम ध्रुव , कोहल और आरूल सोनी का विशेष योगदान रहा |
बच्चों की आंखों में तैरते सपनों का समंदर बना बुनियाद
