शीतसत्र के दूसरे दिन भी विधानसभा पक्ष की कार्यवाही हंगामें की भेंट चढ़ी 

0 सदन में सत्ता पक्ष के व्यवधान पर विपक्ष भड़का
0 बृजमोहन ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया,अजय-शिव ने दिया साथ
 0 मोहन मरकाम आज भी आरक्षण पर रहे मुखर, हुआ हंगामा
रायपुर। शीतसत्र के दूसरे दिन भी विधानसभा पक्ष विपक्ष के हंगामें की भेंट चढ़ गया। आज भी कल की तरह अपने अपने मुद्दों पर सदन में दोनों पक्षों ने जम कर हंगामा किया। भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने सत्ता पक्ष के सदस्यों द्वारा विपक्ष को बोलने ना देने का व हल्ला गुल्ला कर विपक्ष के बयानों के समय बार बार सदन में खड़े होकर चर्चा बाधित करने का आरोप लगाते हुए,आसंदी के सामने व्यवस्था का प्रश्न उठाया। अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत ने उनकी बात पूरी सुनी यह भी कहा कि व्यवस्था दूंगा। इसी बीच आसंदी पर सभापति धनेंद्र साहू आसीन हुए और कांग्रेस के सदस्य मोहन मरकाम ने आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए सदन का ध्यान बांट दिया। उधर अपनी व्यवस्था मिलने में व्यवधान देख विपकसी सदस्य भी जोरदार ढंग से हल्ला गुल्ला व नारे बाजी करने लगे। व्यवस्था आती उसके पहले ही सभापति ने सदन की कार्यवाही को अगले दिन के लिए स्थगित कर दिया।
                       आज प्रश्नकाल में कई प्रश्नों के दौरान सत्ता पक्ष के विधायक बार बार खड़े होकर व्यवधान करते रहे जिसे विपक्ष ने उन्हें ना बोलने देने का प्रयास माना।व्यवस्था के प्रश्न पर बृजमोहन अग्रवाल ने अध्यक्ष से पूछा कि क्या प्रश्नकाल में सत्तापक्ष के सदस्य व्यवधान करते हैं हमें बोलनेनहीँ देने का प्रेस करते हैं यह सही है क्या। ? अध्यक्ष ने कहा नहीं   नारायण चंदेल ने कहा सत्ता पक्ष सुनियोजित ढंग से अवरोध पैदा कर रहा है इस पर आसंदी की व्यवस्था आनी चाहिए। चंदेल ने यह भी कहा कि ये लोग कभी कभी आसंदी को निर्देश दिए जैसा व्यवहार करते हैं जो सदन की मान्य परम्पराओं के विरुद्ध है।  इसी बीच अचानक मरकाम ने आरक्षण का मुद्दा उठा कर विपक्ष को घेरना शुरू किया। इसी  बात पर सदन में जोरदार हंगामा खड़ा हो गया। विपक्ष धर्मांतरण के मामले में नारायणपुर में हुई हिंसा की घटना व सरकार के दमनकारी नीति के साथ आरक्षण के विषय में राज्यपाल को राजनीति में घसीटने के प्रयास पर अपनी बात रखना चाहता था। इस पर बृजमोहन अग्रवाल,अजय चंद्राकर, शिवरतन शर्मा मुखरता से अपनी बात रखने लगे।  तभी मोहन मरकाम ने भाजपा पर आरक्षण विरोधी होने का आरोप लगाते हुए तेज आवाज में सदन में बोलने लगे। कहा इनके कारण प्रदेश के युवाओं की नियुक्तियां अटक रहीं है।  शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश नहीं हो पा रहा है।  विपक्ष ने  लोगों ने भी हंगामें का जवाब हंगामें से देना शुरू कर दिया। सभापति ने एक बार 10 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर कार्य सुचारू चलाने का प्रयास किया लेकिन सदन के पुनः समवेत होते ही मरकाम फिर तेज आवाज में बोलने लगे। सत्ता पक्ष ने सदन में आरक्षण पर नारेबाजी करना शुरू कर दी। विपक्ष भी तेवर में आ गया उसने भी लगातार नारेबाजी करना शुरू कर दिया।हंगामा चलता रहा उसे देखकर सभापति धनेंद्र साहू ने सदन की कार्यवाही अगले दिन 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। शीत सत्र का यह दूसरा दिन भी हंगामें की भेंट चढ़ गया। आरक्षण के साथ आज नारायणपुर क्षेत्र में घटी धर्मांतरण की घटना के बाद हिंसा को भी जोड़ कर अभूतपूर्व हंगामा हुआ।