अनुशासनहीनता: तीन कांग्रेस पार्षदों की जांच करने के लिए कमेटी गठित

 

O रिपोर्ट के बाद कड़ी कार्यवाही की जाएगी, निष्कासन भी संभव: हितेंद्र ठाकुर

भाटापारा। 28 दिसंबर दिन बुधवार को नगर पालिका परिषद की कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता गुप्ता के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के द्वारा आसपास प्रस्ताव लाया गया था जो ध्वस्त हो गया। परंतु 15 कांग्रेसी पार्षदों मैं से सुनीता गुप्ता को 12 मत ही मिले तीन कांग्रेसी पार्षदों ने नगर पालिका अध्यक्ष सुनीता गुप्ता सहित कांग्रेस को धोखा देते हुए विपक्ष में मतदान कर दिया जिसको देखते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हितेंद्र ठाकुर ने इस पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। साथ ही उन्होंने इसके लिए 2 सदस्यों के कमेटी गठित कर दी है, जो अपनी रिपोर्ट देगी उसके आधार पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निष्कासन तक की कार्रवाई भी हो सकती है। जांच कमेटी में कृषक कल्याण मंडल के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा और बलौदा बाजार के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जुगल भट्टर को नियुक्त किया गया है, जो जल्दी ही जांच करके अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। यहां बता दें कि जब नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव हुआ था तब कांग्रेस के 13 पार्षद चुनाव जीते थे बाद में 2 निर्दलीय पार्षद घोषित रूप से कांग्रेस में शामिल हुए जबकि एक अन्य पार्षद ने अध्यक्ष पद के लिए श्रीमती सुनीता गुप्ता को वोट किया था तब सुनीता गुप्ता ने 16 मत प्राप्त कर के अध्यक्ष निर्वाचित हुई थी। उस समय उपाध्यक्ष पद पर त्रिलोक सिंह सलूजा को 17 मत प्राप्त हुए थे। ऐसी स्थिति में कांग्रेस पार्टी के 3 पार्षदों ने पार्टी के साथ दगा करते हुए विपक्ष में मतदान कर दिया। फिलहाल ऐसा माना जा रहा है, परंतु प्रमुख बात यह है कि कौन किसको वोट दिया है। कुछ कहा नहीं जा सकता। पर तीन पार्षदों के लिए जांच जरूर की जाएगी। वह तीन पार्षद कौन हैं जिन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ मतदान किया। खास बात यह है कि नगर पालिका में कांग्रेस का कब्जा है और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है, उसके बावजूद कांग्रेस के सिंबॉलिक पार्षदों का हौसला इतना बुलंद है कि यदि सरकार नहीं होती तो ना जाने क्या होता। इन विषयों पर भी कांग्रेस को गंभीरता से विचार करना होगा।