भाटापारा। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुनील सोनी ने बीते दिनों रायपुर से चलकर भाटापारा आकर रेलवे स्टेशन में नवनिर्मित लिफ्ट का लोकार्पण किया परंतु लगभग डेढ़ वर्ष से भाटापारा जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशन में इलेक्ट्रॉनिक कोर्ट डिस्पले बंद एवं खराब पड़ा हुआ है लोगों ने मीडिया के माध्यम से सांसद सुनील सोनी से पूछा है कि यह कब शुरू होगा बता दें कि जब से कोच डिस्प्ले बंद पड़ा है उसके बाद से यात्रियों को बेहद ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है अनेकों बार समाचार पत्रों के माध्यम से आवाज उठाई जा चुकी है अधिकारियों के सामने भी यह बात रखी जा चुकी है परंतु डेढ़ वर्ष में कोच डिस्पले शुरू नहीं हो सका है स्वाभाविक रूप से लोगों में खासकर उन लोगों में जो प्रतिदिन ट्रेनों से आना-जाना करते हैं के बीच इस बात की चर्चा जमकर है कि सांसद सुनील सोनी को क्या डेढ़ वर्ष में कोच डिस्प्ले खराब होने की जानकारी नहीं थी और फिर डेढ़ वर्ष में इसका काम क्यों नहीं हुआ क्या अब इसके लिए भी जनता को आंदोलन करना पड़ेगा? भाटापारा शहर में लोगों के बीच यह चर्चा बहुत ज्यादा रहेग
लिफ्ट बनने के बाद उद्घाटन करने सांसद महोदय जरूर आ गए परंतु बंद पड़े कोच डिस्पले पर उन्होंने अपने उद्बोधन में भी कुछ खास नहीं कहा अधिकारियों को उन्होंने क्या कहा और क्या नहीं कहा इसकी भी जानकारी लोगों को नहीं है अलबत्ता विधायक शिवरतन शर्मा ने अपने उद्बोधन में भाटापारा में बंद पड़े कोच डिस्पले को शीघ्र शुरू किए जाने की मांग रखी साथ ही आधे अधूरे अंडर ब्रिज को भी अति शीघ्र पूरा करने के लिए अपनी बात दोहराई। क्योंकि रेलवे सेंट्रल गवर्नमेंट के अधीन आती है तो लिहाजा क्षेत्र की जनता अपने सांसद से उम्मीद रखती है परंतु यह खेद का विषय है कि लगभग 1 से डेढ़ वर्ष का समय हो गया है जब कोच डिस्पले बंद पड़ा है । कम से कम सांसद सुनील सोनी को इस मामले में सुध लेकर इस कार्य को पूरी प्राथमिकता से करवाना चाहिए था। बाहर हाल अधिकारी यह कहते हैं कि इसका काम चल रहा है दो-तीन महीने में पूरा हो जाएगा यहां इस बात का आश्चर्य है कि ऑलरेडी इतना समय बीत चुका है अभी और दो-तीन महीना लगेगा यात्रियों को होने वाली परेशानियों को केवल जबान में हल करने के बाद जिम्मेदार लोग कहते रहते हैं परंतु हकीकत में स्थिति बहुत ज्यादा गंभीर है जब ट्रेन स्टेशन पर पहुंचती है और लोगों को अपने कोच में चढ़ने के लिए इधर-उधर महिला और बच्चों को लेकर भागना पड़ता है तब स्थिति काफी गंभीर हो जाती है और हमेशा ही दुर्घटना की संभावना व डर बना रहता है यात्रियों ने काफी कड़े रुख में यह मांग की है कि एक माह के अंदर हर हाल में स्टेशन में कोच डिस्प्ले शुरू हो जाना चाहिए।
