भाटापारा। अपने पति की लंबी आयु की कामना और परिवार की सुख समृद्धि के लिए किया जाने वाले करवा चौथ व्रत का इंतजार हर वर्ष महिलाओं को बेसब्री से रहता है। बदलते जमाने के साथ करवा चौथ मनाने के तरीकों में बदलाव तो आया है लेकिन लोगों की आस्था आज भी उतनी ही है। बृहस्पतिवार को भाटापारा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं ने इस पर्व को धूमधाम से मनाया।
कृष्णा सिटी कृष्णा नगर वृंदावन कॉलोनी शहर के सभी वार्डों में यह पर्व पूरे उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान कई महिलाओं ने समूह में एकत्रित होकर एक जगह पूजा अर्चना की। मंदिरों में काफी चहल-पहल देखी गई। वहीं कई इलाकों में महिलाओं ने देवी मंदिर में पूजा अर्चना कर सभी की मंगलकामना की। महिलाओं ने व्रत से संबंधित कथा सुनकर अपने बड़े बुजुर्ग का आशीर्वाद लिया। साथ ही उन्हें उपहार भी दिए गए। व्रत के बाद महिलाओं ने देर रात चांद के दर्शन किए और अपने पति के हाथों जल पीकर व्रत तोड़ा
नयापारा वार्ड निवासी रमशीला ने बताया कि पिछले चार वर्षो से करवा चौथ मनाती आ रही हैं। शुरुआत से लेकर आज तक इस पर्व को लेकर उत्साह एक जैसा बना हुआ है। हाई स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्य कर रहीं शर्मा कहती हैं कामकाजी महिलाओं के लिए करवा चौथ मनाना थोड़ा मुश्किल जरूर है, लेकिन करवा चौथ का व्रत लेने के लिए वह छुटटी लेती हैं। वहीं कृष्णा सिटी निवासी संतोषी नकुल यादव का कहना है कि आज़ भी अपनी पुरानी संस्कृति व परंपरा कायम है
ग्रामीण इलाकों में दिखी सादगी
शहरी क्षेत्रों में करवा चौथ पर जहां बाजारों की चमक दमक छाई तो भाटापारा के गांवों में सादगी के साथ करवा चौथ का पर्व मनाया गया। टेहका सिंगारपुर तरंगा रोहरा सुहेला निपनिया सुरखी खोखली देवरी कोदवा कोटमी अर्जुनी आदि के आसपास के गांवों में महिलाओं ने व्रत रखा। टेहका की पूर्व सरपंच सावित्री मन्नू लाल यादव का कहना था कि उनका गांव भले ही भाटापारा शहर से जुड़ा हुआ है लेकिन गांव की संस्कृति अभी भी कायम है।
