भाटापारा। श्री माहेश्वरी भवन मारवाड़ी कुआं भाटापारा में कृष्णकुमार मूंधड़ा परिवार द्वारा आयोजित श्रीमदभागवत कथा में वृंदावन से पधारे राष्ट्रीय संत परम श्रद्धेय श्री गौरदास जी महाराज ने आज बताया कि श्री नैमिषारण्य तीर्थ पृथ्वी का प्रथम तीर्थ है और यहां पर ही श्री श्री सूत जी ने जी ने श्री शौनक जी को प्रथम बार श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करवाया था । कथा को आगे बढ़ाते हुए महाराज श्री ने बताया कि पूरे पूरे विश्व एवं सारे ब्रह्मांड में सबसे पुराना धर्म श्री सनातन धर्म है बाकी सब तो मजहब है चाहे वह इस्लाम हो या ईसाई, पारसी अथवा कोई भी और अंग्रेजों ने भी GOD शब्द सनातन धर्म के श्रीमद भागवत से लिया है G जनरेटर ऑफ द वर्ल्ड, O ऑपरेटर ऑफ दी वर्ल्ड D डेस्ट्रॉयर ऑफ दी वर्ल्ड, अर्थात संसार को पैदा करने वाले, हम सब को पालने वाले और हम सब का संघार करने वाले भगवान ही है । महाराज श्री ने बताया कि भीष्म पितामह जब सरसैया अर्थात बाणों की शैया पर थे तब भगवान श्री कृष्ण उनसे मिलने गए भीष्म जी भगवान के दर्शन का इंतजार ही कर रहे थे महाराज श्री ने बताया कि हम यदि अपने ग्रहस्थ के सभी कर्म करते हुए निरंतर भगवान नाम का जाप करते रहे तो मरते समय किसी कारण हम भगवान का ध्यान करना भूल भी जाएं चाहे अस्पताल में ही क्यों न हो भगवान ही हमें याद करके हमारे पास अवश्य आएंगे । महाराज जी ने आगे बताया कि हमारे जीवन में थोड़ी सी भी कठिनाई आती है तो घबरा जाते हैं जबकि भाइयों को भीष्म पितामह एवं बहनों को मीरा जी के बारे में सोचना चाहिए कि हमारे साथ उनके जैसी समस्या तो नहीं है। हमें अपने दैनिक कार्यों सहित मोक्ष की तैयारी भी करनी चाहिए, भगवान का नाम एवं हमारे द्वारा किए हुए सत्कर्म एवं दिया हुआ दान ही हमारे साथ जायेगा । महाराज जी द्वारा गाए भजन “मिले कोई ऐसा संत फकीर – पहुंचा दे भव दरिया के तीर” पर रामरतन मूंधड़ा, अजय नत्थानी, नंदकिशोर भट्टर एवं गोविंद बिनानी आदि बड़े प्रेम में मगन होकर भावपूर्ण नृत्य कर रहे थे, कथा youtube पर लाइव की जा रही है कथा का संचालन सुभाष भट्टर ने किया ।
भाटापारा में कृष्णकुमार मूंधड़ा परिवार द्वारा आयोजित श्रीमदभागवत कथा: वृंदावन से पधारे गौरदास जी महाराज ने कहा- संसार को पैदा करने वाले, हम सब को पालने वाले भगवान ही है
