पाटजात्रा विधान के साथ 75 दिनों तक चलने वाली विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा का शुभारंभ

0  दशहरा पर्व इस वर्ष हिन्दू पंचाग के अनुसार एक अधिमास पडऩे के कारण 104 दिनों का होगा
जगदलपुर । 75 दिनों तक चलने वाली विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा का शुभारंभ आज श्रावण अमावश्या को पाटजात्रा पूजा विधान के साथ हो गया। इस पाटजात्रा विधान में बस्तर जिले के ग्राम बिलोरी के जंगल से लाये साल के लकड़ी की सिंहड्योढ़ी में (दंतेश्वरी मंदिर के पास) विधि विधान पूर्वक अर्चना किया गया। इस दौरान मोंगरी मछली तथा बकरे की बलि दी गई। इस विधान के साथ ही बस्तर दशहरा में चलने वाली विशालकाय दो मंजिला रथ के निर्माण हेतु जंगल से लकड़ी लाने का कार्य प्रारंभ हो जाता है। गौरतलब हो कि इस वर्ष हिन्दू पंचाग के अनुसार एक अधिमास पडऩे के कारण इस वर्ष 75 दिवसीय बस्तर दशहरा 104 दिनों का होगा।
इस अवसर पर बस्तर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष दीपक बैज ने सभी को हरेली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज पाटजात्रा विधान के साथ बस्तर दशहरे का शुभारंभ हो गया। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी  सभी मांझी, चालकी, मुखिया, मेम्बर-मेम्बराइन, तथा राजपरिवार के साथ मिलकर मां दन्तेश्वरी की आर्शीवाद से विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा हर्षाेल्लास के साथ मनाया जायेगा।
सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष  दीपक बैज ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के बढ़ते संक्रमण में दशहरा पर्व को कैसे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाए इस संबंध में सभी से मिल बैठकर चर्चा करने के उपरांत एक अभिमत से निर्णय लेंगे। श्री बैज ने कहा कि बस्तर दशहरा मुख्यरूप में मांझी व चालकियों के सहयोग से सम्पन्न होता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण राज्य सरकार के पास फण्ड की दिक्कत है, लेकिन मां दन्तेवश्वरी के आर्शीवाद एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिशा-निर्देश में इस वर्ष भी बस्तर दशहरा पर्व के लिए फंड की कोई कमी नहीं होगी और बिना उधारी के दशहरा पर्व सम्पन्न होगा।

Leave a Reply