पाटन। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं कृषि उपज मंडी दुर्ग के अध्यक्ष अश्वनी साहू ने दुर्ग सांसद विजय बघेल के उस बयान का पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने पार्टी संगठन के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को राज्य की किसी भी सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि मैं मुख्यमंत्री जहां से चुनाव लड़ेंगे वहां से मैदान में उतरने को तैयार हूँ । अश्वनी साहू ने कहा कि बार-बार पार्टी बदलने वाले एवं अपने ही पार्टी में विवादास्पद स्थिति में रहने वाले, 2018 के विधानसभा चुनाव में मोतीलाल साहू को अकेले छोड़ चुनाव मैदान से भागने वाले स्वयं अपनी गाल बजा रहे हैं।
दुर्ग की जनता ने विश्वास कर संसद भवन में भेजा है, परंतु कभी भी जनहित के मुद्दे को उठाने के बजाय मौनी बाबा बने रहते हैं, हिम्मत है तो केंद्र सरकार को कहे कि पूरे भारत में ₹2500 कीमत में धान खरीदी करें। यदि छत्तीसगढ़ की सरकार अन्नदाता किसानों का कर्जा माफ कर सकती है और 2500 रुपया में धान खरीद सकती है तो केंद्र सरकार क्यों नहीं? तीन कृषि काले कानून के समर्थन में गली गली घूम कर प्रचार करने वाले विजय बघेल को जनता से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि मोदी ने देश के अन्नदाता किसानों से माफी मांग कर तीन काले कानून को वापस लिया है।
विजय बघेल ने आरोप लगाया है कि जनता पीड़ित है भयभीत है। परंतु मुझे लगता है कि विजय बघेल स्वयं अपने ही पार्टी से पीड़ित है एवं चुनाव हारने के डर से भयभीत नजर आ रहे हैं। आलम तो यह है कि विजय बघेल को अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती नजर आ रही है। इस कारण मुख्यमंत्री से चुनाव लड़ने का बयान देकर पार्टी में अपना कद बढ़ाना चाहते है एवं सुर्खियों में रहना चाहते है। “देखो मैं अगर मुख्यमंत्री जी से गले लग कर फोटो खिंचवा सकता हूँ , तो उनके विरुद्ध बयान बाजी भी कर सकता हूँ ” । विगत दिनों दुर्ग के अपनी पार्टी बैठक में विवादास्पद बयान देकर स्वयं अपनी ही थू थू कराई है।
विजय बघेल को इतनी ही चिंता है तो महंगाई पर संसद में आवाज उठावे। छत्तीसगढ़ के जनहित के मुद्दों को पटल पर रखे? देश के सभी सार्वजनिक उपक्रम बिक रहे हैं? और विजय बघेल मुकदृष्टा बने हुए हैं। एक तरफ भूपेश बघेल 5 बार चुनाव जीतकर जनता की सेवा में लगे हुए हैं और जब पद में नहीं थे तब भी जनता के करीब थे। जिसका परिणाम आज मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हैं। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल की सरकार की योजना के सामने पूरी भारतीय जनता पार्टी और स्वयं विजय बघेल बौने नजर आ रहे हैं इसलिए अनर्गल गीता ज्ञान बांट रहे हैं । भूपेश बघेल पाटन से ही चुनाव लड़ेंगे पाटन के सभी समर्पित कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के एक आवाज पर खड़े नजर आएंगे। विजय बघेल बिन बादल बरसात की तरह एवं बिना सुर ताल के ढोल बजाने की कोशिश ना करें।
