बंद रेल्वे फाटक पर लोगों को समझाइश दी आरपीएफ़ ने

 

भाटापारा। रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट भाटापारा द्वारा सेक्शन में होने वाली केटल रन ओवर ,मैन रन ओवर जैसी दुर्घटनाओं को रोकने सेक्सन के रेल्वें फाटक पर जागरूकता अभियान चलकर लोगो को समझाइश दी,वही बंद रेल्वें फाटक को क्षतिग्रस्त करने वाले एक वाहन चालक के खिलाफ मामला पंजीबद्व कर रेल न्यायालय में प्रस्तुत किया।
उपरोक्त संबंध में जानकारी देते हुए आरपीएफ़ पोस्ट प्रभारी निरीक्षक केपीएस गुर्जर ने बताया कि महानिरीक्षक ए एन सिन्हा,बिलासपुर, मंडल सुरक्षा आयुक्त संजय कुमार गुप्ता ,रायपुर से मिले निर्देश के बाद 28 मार्च को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट भाटापारा क्षेत्राधिकार में पोस्ट प्रभारी कर्मपाल सिंह गुर्जर के नेतृत्व में सउनि महेंद्र,सउनि बीरबल सिंह ,अशोक कुमार, रामधनी यादव,केशवराम ,मुकेश रविकांत यादव,रूपक एवम अन्य बल सदस्यों की टीम ने इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों के साथ समन्वय कर भाटापारा क्षेत्राधिकार में होने वाली CRO (कैटल रन ओवर ) एवं MRO(मेन रन ओवर) स्टोन पेल्टिंग टाइप की घटनाओं को रोकने के लिए टेहका गेट, सिलयारी गेट निपनिया गेट, तिल्दा गेट, बेल्हा गेट एवम दाधापारा गेट से आने जाने वाले दो पहिया एवम बड़े वाहन चालकों एवम आम राहगीरों को बारी-बारी रोककर उन्हें बन्द फाटक ना पार करने की समझाइश दी गई।इस दौरान लोगो ने आरपीएफ़ की इस समझाइस का अनुसरण करने और कराने का भरोसा जताया गया।
उनके द्वारा रेलवे सुरक्षा एवं संरक्षा नियमो का पालन करने की बात भी कही गई,वही साथ ही हिदायत भी दी गई कि रेल सुरक्षा एवं संरक्षा नियमो का पालन नही करने वालो के विरुद्ध विधिवत कार्यवाही किया जाएगा!

रेल फाटक तोड़ने वाला ट्रक चालक गिरफ्तार

मोहगांव रेल्वें फाटक को क्षतिग्रस्त करने वाले एक वाहन क्रमांक सीजी-07,बी वाय 3704 दस चक्का ट्रक के चालक बलबीर सिंह निवासी वार्ड नं 09,ढोना, नवादा, थाना जिला -नवादा बिहार हाल पता भिलाई जिला दुर्ग को लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए लेबल क्रासिंग गेट के एक बूम को तोड़ दिया गया! घटनास्थल से गेट को क्षतिग्रस्त करने वाले
ट्रक को जप्त कर उसके चालक को रेलवे अधिनियम की धारा 160(बी)के तहत गिरफ्तार कर मामला विवेचना में लिया गया!
आरपीएफ़ प्रभारी कर्मपाल सिंह गुर्जर ने बताया कि गत वर्ष अनाधिकृत रूप से ट्रेसपास करने वाले 322 व्यक्तियों को एवम रेलवे समपार फाटकों को तोड़ने वाले कुल 16 वाहन चालको के विरुद्ध रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था ।आरपीएफ़ की उक्त कार्रवाई लगातार जारी है!