

भिलाई। सेल में वर्षों से लंबित भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों का वेज रिवीजन किया गया है। यद्यपि अभी यूनियन और सेल प्रबंधन द्वारा समझौते पर हस्ताक्षर किया जा चुका है, लेकिन इस्पात मंत्रालय से अनुमोदन अभी बाकी है जिसे अंतिम रूप दिया जा रहा है ।
अधिकृत सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बीते 21 अक्टूबर को नई दिल्ली में में श्रमिकों संघो के प्रतिनिधि और प्रबंधन के बीच लंबी बातचीत के बाद समझौता हुआ है और दोनों पक्षों द्वारा एम ओ यू पर हस्ताक्षर कर दिया गया है। गौरतलब है कि इस्पात उद्योग के लिए राष्ट्रीय संयुक्त समिति समझौता 1 जुलाई 2014 को किया गया था, जो 31 दिसंबर 2016 तक वैध था।
बहरहाल, अभी हुए समझौते के अनुसार 31 दिसंबर 2016 को सेल और आरआईएनएल के सभी नियमित कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा और 2017 को रोल पर बने रहेंगे। समझौते की वैधता 2017 से 10 वर्षों के लिए होगी। इस दौरान 13 प्रतिशत एम जी बी और 26.5 प्रतिशत पर्कस इस समझौते के अधीन आए सभी श्रमिकों को दिया जाएगा। वहीं, महंगाई भत्ता 100 प्रतिशत, डीए न्यूट्राइजेशन को 1 जनवरी 2017 के अनुसार एआईसीपीआई 277.33 से जोड़ा जाएगा और एआईसीपीआई के तिमाही औसत में वृद्धि/कमी के आधार पर तिमाही (प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल 1 जुलाई, 1 अक्टूबर और 1 जनवरी) को संशोधित किया जाएगा। एआईसीपीआई 277.33 (आधार 2001=100) की तुलना में दिसंबर-फरवरी, मार्च-मई, जून-अगस्त और सितंबर-नवंबर की तिमाहियों में महंगाई भत्ते के भुगतान के अन्य प्रावधान अपरिवर्तित रहेंगे। सरकार के अनुमोदन की तिथि से इस समझौते को लागू किया जायेगा । शर्तों के अधीन पर्कस मूल वेतन का 26.5 प्रतिशत होगा। विशेष भत्ता मूल वेतन का 6 प्रतिशत और मौजूदा तथा अन्य सभी भत्ते सभी इस पर्क में शामिल किए गए हैं ।
